October 1, 2026 12:07 AM

Krishi Times

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Saudi Food Show 2026: में चमका भारत, APEDA ने दिखाई कृषि निर्यात की ताकत!

भारत के कृषि-खाद्य उत्पादों की सऊदी अरब में बढ़ी पहुंच, ‘द सऊदी फूड शो 2026’ में भारत-सऊदी कृषि व्यापार को मिला नया मंच!

जेद्दा में भारतीय कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का भव्य प्रदर्शन

जेद्दा (सऊदी अरब)। भारतीय कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को वैश्विक बाजारों में नई पहचान दिलाने की दिशा में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सऊदी अरब के जेद्दा सुपरडोम में 27 से 29 सितंबर 2026 तक आयोजित ‘द सऊदी फूड शो 2026’ में APEDA के नेतृत्व में भारत के 23 निर्यातकों ने भाग लेकर देश की कृषि विविधता, खाद्य प्रसंस्करण क्षमता और निर्यात संभावनाओं का व्यापक प्रदर्शन किया।

यह आयोजन पश्चिम एशिया के सबसे बड़े खाद्य एवं पेय व्यापार मेलों में से एक माना जाता है, जहां दुनिया भर के आयातक, वितरक, खुदरा विक्रेता, होटल उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि और खाद्य प्रसंस्करण कंपनियां भाग लेती हैं। ऐसे मंच पर भारत की मजबूत उपस्थिति को कृषि निर्यात बढ़ाने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत मंडप का हुआ उद्घाटन

प्रदर्शनी में स्थापित भारत मंडप (इंडिया पवेलियन) का उद्घाटन जेद्दा में भारत के महावाणिज्यदूत फहद अहमद, सऊदी अरब के उद्योग एवं खनिज संसाधन मंत्रालय के औद्योगिक मामलों के उपमंत्री इंजीनियर खलील बिन सलामा तथा MODON के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंजीनियर माजिद अल-अर्गोबी ने संयुक्त रूप से किया।

उद्घाटन के दौरान भारतीय प्रदर्शकों द्वारा प्रस्तुत उत्पादों और उनकी गुणवत्ता की सराहना की गई। अधिकारियों ने भारत और सऊदी अरब के बीच कृषि एवं खाद्य व्यापार को और मजबूत बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की।

भारत के विविध कृषि उत्पादों ने खींचा ध्यान

भारत मंडप में प्रदर्शित उत्पादों की विविधता ने आगंतुकों और खरीदारों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। यहां बासमती और गैर-बासमती चावल, मिलेट्स (मोटे अनाज), दालें, मसाले, रेडी-टू-ईट और रेडी-टू-कुक खाद्य पदार्थ, मखाना, सूखे मेवे, शहद, फ्रोजन फूड, सॉस, डिहाइड्रेटेड उत्पाद और अन्य प्रसंस्कृत खाद्य वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया।

भारतीय निर्यातकों ने अपने उत्पादों की गुणवत्ता, ट्रेसबिलिटी, खाद्य सुरक्षा मानकों और वैश्विक मांग के अनुरूप उत्पादन क्षमता की जानकारी भी खरीदारों को दी। इससे संभावित आयातकों को भारतीय उत्पादों की विश्वसनीयता और आपूर्ति क्षमता समझने का अवसर मिला।

बासमती चावल और मिलेट्स रहे आकर्षण का केंद्र

प्रदर्शनी में भारतीय बासमती चावल सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र रहा। लंबे दानों, सुगंध और गुणवत्ता के कारण भारतीय बासमती चावल पहले से ही खाड़ी देशों में लोकप्रिय है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता के बीच भारत के मिलेट्स उत्पादों ने भी खरीदारों का ध्यान आकर्षित किया।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष घोषित किए जाने के बाद ग्लोबल बाजार में मिलेट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। भारत इस क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख उत्पादक देशों में शामिल है और APEDA इन उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

खरीदार-विक्रेता बैठक से बढ़े व्यापारिक अवसर

प्रदर्शनी के दौरान भारत के महावाणिज्य दूतावास, जेद्दा द्वारा APEDA के सहयोग से एक विशेष खरीदार-विक्रेता बैठक (Buyer-Seller Meet) का आयोजन किया गया। इस बैठक में 100 से अधिक सऊदी खरीदारों, APEDA से जुड़े 23 प्रदर्शकों और भारत के 20 बासमती चावल निर्यातकों ने भाग लिया।

बैठक का उद्देश्य भारतीय निर्यातकों और सऊदी आयातकों के बीच प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करना, व्यापारिक साझेदारी को बढ़ावा देना और कृषि-खाद्य व्यापार की नई संभावनाओं की पहचान करना था।

इस दौरान दोनों देशों के व्यापार प्रतिनिधियों ने खाद्य आपूर्ति श्रृंखला, उत्पाद गुणवत्ता, आयात आवश्यकताओं, वितरण नेटवर्क और दीर्घकालिक व्यापार सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी बैठकों से निर्यात समझौतों का मार्ग प्रशस्त होता है और भारतीय कंपनियों को नए खरीदारों तक पहुंचने में मदद मिलती है।

भारतीय व्यंजनों ने छोड़ी गहरी छाप

भारत मंडप में केवल कृषि उत्पादों का प्रदर्शन ही नहीं किया गया, बल्कि भारतीय खानपान की समृद्ध परंपरा को भी प्रस्तुत किया गया। APEDA द्वारा आयोजित लाइव फूड सैंपलिंग कार्यक्रम में आगंतुकों को पुसा-1121 बासमती चावल से तैयार लखनवी बिरयानी, स्टीम्ड बासमती चिकन मंडी और मणिपुर के प्रसिद्ध चक हाओ ब्लैक राइस से बनी पुडिंग का स्वाद चखने का अवसर मिला।

इन व्यंजनों ने न केवल भारतीय खाद्य संस्कृति की विविधता को प्रदर्शित किया बल्कि यह भी दिखाया कि भारतीय कृषि उत्पाद किस प्रकार उच्च गुणवत्ता वाले वैश्विक खाद्य उत्पादों में उपयोग किए जा सकते हैं। विदेशी आगंतुकों और खरीदारों ने भारतीय स्वाद और उत्पादों में विशेष रुचि दिखाई।

सऊदी अरब भारतीय कृषि निर्यात के लिए क्यों महत्वपूर्ण?

सऊदी अरब खाद्य आयात के मामले में पश्चिम एशिया के सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है। वहां की जलवायु परिस्थितियों के कारण खाद्यान्न, चावल, दालों, मसालों और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की बड़ी मात्रा आयात की जाती है।

भारत और सऊदी अरब के बीच मजबूत व्यापारिक संबंधों तथा बड़ी भारतीय प्रवासी आबादी के कारण भारतीय खाद्य उत्पादों की मांग लगातार बनी हुई है। बासमती चावल, मसाले, शहद, तैयार खाद्य पदार्थ और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों की बढ़ती मांग भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है।

किसानों और खाद्य उद्योग को मिलेगा लाभ

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भारतीय उत्पादों की बढ़ती उपस्थिति का सीधा लाभ किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और निर्यातकों को मिलेगा। निर्यात बढ़ने से कृषि उत्पादों की मांग में वृद्धि होगी, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकते हैं।

विशेष रूप से बासमती चावल, मिलेट्स, मखाना, मसाले, शहद और वैल्यू एडेड खाद्य उत्पादों के निर्यात विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।

ग्लोबल बाजार में भारत की बढ़ती पहचान

APEDA लगातार विभिन्न देशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों और खाद्य प्रदर्शनियों में भारतीय कंपनियों को मंच उपलब्ध करा रहा है। इसका उद्देश्य भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना, नए खरीदारों से जोड़ना और भारत को विश्वसनीय कृषि-खाद्य आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करना है।

सऊदी फूड शो 2026 में भारत की सक्रिय भागीदारी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इससे भारत और सऊदी अरब के बीच कृषि एवं खाद्य व्यापार को नई गति मिलने के साथ-साथ भारतीय कृषि निर्यात को भी दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

Source: and Photo courtesy APEDA