October 10, 2026 2:23 AM

Krishi Times

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फसल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत रांची में हुआ प्रशिक्षण!

कीटनाशक विक्रेताओं को मिला आधुनिक फसल सुरक्षा का प्रशिक्षण, कानून से लेकर नई तकनीकों तक दी गई जानकारी!

रांची, –किसानों तक सुरक्षित और प्रभावी फसल सुरक्षा उपाय पहुंचाने के उद्देश्य से रांची में कीटनाशक विक्रेताओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण फसल सुरक्षा कार्यक्रम 2026-27 के अंतर्गत जूनियर प्लांट प्रोटेक्शन ऑफिसर, रांची के कार्यालय द्वारा एटीएमए ऑडिटोरियम, रांची में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में रांची जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए 40 कीटनाशक विक्रेताओं ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग, कानूनी प्रावधानों और फसलों को कीट एवं रोगों से बचाने की नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी।

कीटनाशक कानून और नियमों पर विशेष जोर

प्रशिक्षण के दौरान सेंट्रल इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट सेंटर (CIPMC), रांची के सहायक निदेशक तथा जूनियर प्लांट प्रोटेक्शन ऑफिसर ने प्रतिभागियों को कीटनाशक अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशक नियम, 1971 के प्रमुख प्रावधानों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि लाइसेंसधारी विक्रेताओं की जिम्मेदारी केवल उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को सही सलाह देना और सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करना भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

आधुनिक फसल सुरक्षा तकनीकों की जानकारी

विशेषज्ञों ने एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM), कीट एवं रोगों की प्रारंभिक पहचान, अनुशंसित कीटनाशकों के उपयोग, सही मात्रा निर्धारण तथा पर्यावरण-अनुकूल फसल सुरक्षा उपायों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही नकली और अवैध कीटनाशकों की पहचान तथा उनके दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी गई।

किसानों तक सही सलाह पहुंचाने में विक्रेताओं की अहम भूमिका

कार्यक्रम की अध्यक्षता और निगरानी उप कृषि निदेशक (पादप संरक्षण), रांची ने की। उन्होंने कहा कि कीटनाशक विक्रेता किसानों और कृषि विभाग के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि विक्रेता वैज्ञानिक सलाह और सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप किसानों का मार्गदर्शन करें, तो फसल उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ रासायनिक दवाओं के अनियंत्रित उपयोग को भी कम किया जा सकता है।

कार्यक्रम का समन्वयन पादप संरक्षण निरीक्षक, रांची द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों ने फसल सुरक्षा संबंधी विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से संवाद किया और अपने अनुभव साझा किए।

किसानों को होगा सीधा लाभ

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से कीटनाशक विक्रेताओं की तकनीकी क्षमता बढ़ती है, जिससे किसानों को सही उत्पाद, सही मात्रा और सही समय पर उपयोग संबंधी सलाह मिल पाती है। इससे फसल नुकसान कम होने के साथ उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार की संभावना बढ़ती है।

Source: Directorate of agriculture, Jharkhand