रायसेन में लगेगा ‘उन्नत कृषि महोत्सव 2026’: विज्ञान, तकनीक और बाजार से जुड़ेगा किसान, पराली बनेगी कमाई का जरिया !!
रायसेन -मध्य प्रदेश के रायसेन में आयोजित होने जा रहा “उन्नत कृषि महोत्सव 2026 – प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण” किसानों के लिए ज्ञान, तकनीक और नवाचार का बड़ा मंच साबित होने जा रहा है। इस तीन दिवसीय आयोजन के माध्यम से किसानों को देश के प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और प्रगतिशील किसानों का सीधा मार्गदर्शन मिलेगा। खास बात यह है कि इस महोत्सव में पराली को “कचरे से कंचन” (Waste to Wealth) में बदलने की आधुनिक तकनीकों पर विशेष फोकस रहेगा।
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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन रायसेन के दशहरा मैदान में 11 से 13 अप्रैल तक होगा, जिसमें चार अलग-अलग हॉल में विषय आधारित सत्र लगातार तीन दिन तक संचालित किए जाएंगे। तीन दिन का ‘ज्ञान महाकुंभ’, खेती के हर पहलू पर चर्चा मंत्री ने बताया कि महोत्सव के दौरान फसल उत्पादन से लेकर बाजार तक की पूरी वैल्यू चेन को कवर किया जाएगा। 
🔹 पहला दिन (11 अप्रैल)!!
फसल कटाई के बाद प्रबंधन, डिजिटल कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कृषि अवसंरचना कोष (AIF) का उपयोग, मधुमक्खी पालन और कृषि मशीनीकरण जैसे विषयों पर सत्र होंगे। इसके साथ ही दलहन उत्पादकता, प्राकृतिक खेती, बागवानी विस्तार और पराली प्रबंधन पर नुक्कड़ नाटक के जरिए किसानों को जागरूक किया जाएगा।
🔹 दूसरा दिन (12 अप्रैल)!!
एफपीओ सम्मेलन, मृदा स्वास्थ्य, पॉलीहाउस-शेडनेट जैसी संरक्षित खेती, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) पर कार्यशाला आयोजित होगी। दोपहर में एकीकृत कृषि प्रणाली, IPM, बायो-पेस्टीसाइड, हाइड्रोपोनिक्स, प्रिसिजन और वर्टिकल फार्मिंग जैसे आधुनिक विषयों पर विशेष सत्र होंगे।
🔹 तीसरा दिन (13 अप्रैल)!!
कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) सम्मेलन, धान बीज प्रणाली, मत्स्य व मोती पालन, कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पर चर्चा होगी। साथ ही डेयरी, पशुपालन, मुर्गीपालन, बकरीपालन और “धरती बचाओ” अभियान के तहत टिकाऊ खेती पर जागरूकता कार्यक्रम होंगे। पराली से कमाई: ‘वेस्ट टू वेल्थ’ बनेगा गेम चेंजर महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण पराली प्रबंधन रहेगा। किसानों को बताया जाएगा कि कैसे पराली जलाने के बजाय उसे खाद, बायो-सीएनजी, ऊर्जा और अतिरिक्त आय में बदला जा सकता है।
नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से पराली जलाने के नुकसान और वैज्ञानिक तरीकों से मिलने वाले लाभ को सरल भाषा में समझाया जाएगा।
👉 विशेषज्ञों के अनुसार !!
पराली से कम्पोस्ट, बायोचार और मशरूम उत्पादन जैसे मॉडल अपनाकर किसान प्रति एकड़ 8–15 हजार रुपये तक अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं।लाइव डेमो: ड्रोन, मृदा परीक्षण और हाई-टेक खेती महोत्सव में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा कई आधुनिक तकनीकों का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा।
✔️ खेत की मिट्टी का ऑन-द-स्पॉट परीक्षण और मृदा स्वास्थ्य कार्ड
✔️ ड्रोन से उर्वरक व कीटनाशक छिड़काव
✔️ हाइड्रोपोनिक्स और हाई-टेक हॉर्टिकल्चर मॉडल
✔️ उन्नत नर्सरी और ग्राफ्टिंग तकनीक
✔️ समेकित कृषि प्रणाली (Integrated Farming System)
👉 विशेष लाभ !!
इन तकनीकों को अपनाने से लागत में 20–30% तक कमी और उत्पादन में 15–25% तक वृद्धि संभव है। किसानों को मिलेगा बाजार से जुड़ने का अवसर महोत्सव में विभिन्न राज्यों के सफल किसानों और स्टार्टअप्स के अनुभव साझा किए जाएंगे। इससे किसानों को नई फसलों, प्रोसेसिंग और मार्केट लिंकज की जानकारी मिलेगी।
👉 सारांश !!
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान FPO के माध्यम से जुड़कर उत्पादन और विपणन करें, तो उनकी आय में 30–40% तक बढ़ोतरी हो सकती है। किसानों के लिए सुनहरा मौका केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि यह आयोजन केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने का मिशन है। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों से इस महोत्सव में भाग लेने की अपील की है।