गवर्नेंस रिफॉर्म्स से सीधे किसानों को मिलेगा फायदा!

ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट बोले—“प्रक्रिया नहीं, प्रदर्शन आधारित सिस्टम से ही किसानों को मिलेगा वास्तविक लाभ”

नई दिल्ली। कृषि क्षेत्र में सुधार केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि किसानों और कृषि प्रणाली पर सीधे सकारात्मक प्रभाव डालने का माध्यम हैं। यह बात भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के महानिदेशक एवं DARE के सचिव डॉ. एम. एल. जाट ने “मिशन कर्मयोगी – साधना सप्ताह” के तहत आयोजित एक वेबिनार में कही।

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उन्होंने कहा कि गवर्नेंस में हो रहे सुधार ICAR को अधिक पारदर्शी, तकनीक-आधारित, जवाबदेह और किसान-केंद्रित संगठन में बदल रहे हैं। यह बदलाव देश के “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य के अनुरूप है।

🔶 गवर्नेंस रिफॉर्म्स से कृषि में नया बदलाव

डॉ. जाट ने बताया कि अब शासन व्यवस्था केवल प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि परिणाम (Outcome) आधारित मॉडल पर काम किया जा रहा है। इससे योजनाओं का सीधा लाभ किसानों तक तेजी से पहुंचेगा।

👉 मिशन कर्मयोगी के तहत कृषि अधिकारियों और वैज्ञानिकों की क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
👉 अब तक 10,500 से अधिक ICAR कर्मचारी iGOT प्लेटफॉर्म पर जुड़कर निरंतर प्रशिक्षण ले रहे हैं।

🔶 ICAR नेटवर्क का विस्तार और प्रभाव

देशभर में ICAR का विशाल नेटवर्क कृषि विकास की रीढ़ बन चुका है:

  • 114 संस्थान
  • 151 क्षेत्रीय स्टेशन
  • 731 कृषि विज्ञान केंद्र (KVK)

यह नेटवर्क किसानों तक नई तकनीक, शोध और प्रशिक्षण पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

🔶 डिजिटल और AI आधारित कृषि प्रबंधन

गवर्नेंस सुधारों में डिजिटल टूल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डैशबोर्ड और डेटा आधारित निर्णय प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
इससे योजनाओं की निगरानी, पारदर्शिता और कार्यक्षमता में तेजी आई है।

🔶 प्रमुख फोकस क्षेत्र

ICAR ने आने वाले वर्षों के लिए कृषि विकास के कुछ प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है:

  • 🌾 सतत उत्पादन (Sustainable Production)
  • 🚜 कृषि यंत्रीकरण (Mechanization)
  • 📦 पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन
  • 🌳 एग्रोफॉरेस्ट्री
  • 🌍 कार्बन-न्यूट्रल खेती

👉 इसके साथ ही दलहन, तिलहन और मिलेट्स (श्री अन्न) को पोषण सुरक्षा के लिए प्राथमिकता दी जा रही है।

🔶 प्रमुख योजनाएं और पहल

AI Image

कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए कई नई पहलें शुरू की गई हैं:

  • प्लांट हेल्थ मिशन
  • SEHAT (स्वास्थ्य आधारित कृषि पहल)
  • भारत विस्तार कार्यक्रम
  • MELIA (मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन प्रणाली)
  • डेटा मैनेजमेंट पॉलिसी

🔶 किसानों के लिए क्या बदलेगा?

इन सुधारों का सीधा लाभ किसानों को मिलेगा:
✔️ योजनाओं की जानकारी और पहुंच में तेजी
✔️ तकनीक आधारित खेती से लागत में कमी
✔️ बेहतर उत्पादन और आय में वृद्धि
✔️ पारदर्शी और जवाबदेह सिस्टम

🔶 सारांश

डॉ. एम. एल. जाट ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में कृषि गवर्नेंस का लक्ष्य केवल नीतियां बनाना नहीं, बल्कि किसानों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना होगा।
मिशन कर्मयोगी के तहत हो रहे ये सुधार भारत को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी कृषि प्रणाली की ओर तेजी से ले जा रहे हैं।

चित्र:सौजन्य ICAR सोशल मीडिया