ग्रेटर नोएडा में Indusfood 2026 का भव्य आगाज़

चिराग पासवान ने किया उद्घाटन, भारत को ग्लोबल फूड बास्केट बनाने पर जोर!

Union Minister for Food Processing Industries Chirag Paswan inaugurated IndusFood 2026 at India Exposition Mart, Greater Noida. Recognised as Asia’s leading food and beverage trade fair, this is the largest-ever edition of IndusFood, spread across nearly 120,000 sq m.

Addressing the gathering, the Minister highlighted the Government of India’s strong commitment to the food processing sector, stating that India must convert its food surplus into value and emerge as a global food basket. He underlined key government schemes such as PMFME, PMKSY, and the expanding role of NIFTEM in supporting farmers, entrepreneurs and MSMEs.

The event witnessed the presence of senior officials, industry leaders, global buyers and exhibitors. APEDA showcased initiatives to promote agri-food and agri-tech startups, including the ‘BHARATI’ platform aimed at strengthening export-oriented innovation.

IndusFood 2026 features over 2,200 exhibitors from 30+ countries and 15,000+ buyers from 120+ countries, integrating the entire food and beverage value chain under one global ecosystem and reinforcing India’s position as a reliable and future-ready food supplier.

ग्रेटर नोएडा –केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने ग्रेटर नोएडा स्थित एक्सपो मार्ट में इंडसफूड 2026 का विधिवत उद्घाटन किया। इंडसफूड एशिया का प्रमुख खाद्य एवं पेय (फूड एंड बेवरेज) व्यापार मेला है, जिसका यह अब तक का सबसे बड़ा संस्करण है। यह आयोजन लगभग 120,000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैला हुआ है, जहां वैश्विक खाद्य एवं पेय उद्योग की पूरी मूल्य श्रृंखला एक ही मंच पर देखने को मिल रही है।

उद्योग, सरकार और ग्लोबल खरीदार एक मंच पर

उद्घाटन अवसर पर कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) के अध्यक्ष अभिषेक देव, भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद (टीपीसीआई) के अध्यक्ष मोहित सिंगला, अबू धाबी फूड हब (केईजेडएडी) के सीईओ जेन्स वोल्फगैंग मिशेल, भीखाराम चंदमल के प्रबंध निदेशक आशीष कुमार अग्रवाल, सहित अनेक उद्योगपति, प्रदर्शक, अंतरराष्ट्रीय खरीदार और वैश्विक खाद्य एवं पेय इकोसिस्टम से जुड़े हितधारक उपस्थित रहे।

खाद्य प्रसंस्करण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

अपने उद्घाटन भाषण में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा,
मैं आप सभी को समर्थन और प्रोत्साहन देने के लिए यहां हूं। केंद्र सरकार द्वारा खाद्य प्रसंस्करण के लिए अलग मंत्रालय का होना इस क्षेत्र को दिए जा रहे महत्व को दर्शाता है। हमारा प्रयास है कि सरकार और उद्योग के बीच एक मजबूत सेतु बने।”

उन्होंने इंडसफूड के नौवें सफल संस्करण के आयोजन और उद्योग को वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए टीपीसीआई को बधाई दी।

खाद्य अधिशेष को मूल्य में बदलने की जरूरत

मंत्री ने कहा कि भारत अब खाद्य अधिशेष की स्थिति में है और समय आ गया है कि इस मात्रा को मूल्य में बदला जाए
उन्होंने कहा, “हम सभी भारत की उस क्षमता को जानते हैं, जिससे वह वैश्विक फूड बास्केट बन सकता है। अब संसाधनों को सही दिशा में लगाने की आवश्यकता है।”

सरकारी योजनाओं से किसानों और उद्योग को लाभ

चिराग पासवान ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।
पीएम सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का औपचारिकीकरण (PMFME),
प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) और
राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM)
जैसी योजनाएं किसानों और उद्योग दोनों को लाभ पहुंचा रही हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि निफ्टेम का दायरा अधिक राज्यों तक विस्तारित किया जाएगा

जीएसटी सुधार से बढ़ी बाजार पहुंच

मंत्री ने कहा कि सरकार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को अटूट समर्थन दे रही है और व्यापार करने में आसानी से जुड़े हर नीतिगत मुद्दे पर सहयोग करेगी। उन्होंने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र पर उच्च जीएसटी दर का मुद्दा उठाया गया था, जिसे सुधारों के माध्यम से 5 प्रतिशत या 0 प्रतिशत तक घटाया गया, जिससे उद्योग को व्यापक बाजार पहुंच मिली।

भारत में आरएंडडी केंद्र खोलने की अपील

अपने संबोधन में पासवान ने वैश्विक और घरेलू ब्रांड्स से भारत में अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र स्थापित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता और पारंपरिक खाद्य विरासत वैश्विक खाद्य थाली को नई पहचान देने की अपार क्षमता रखती है।

एपीईडीए की ‘भारती’ पहल से स्टार्टअप्स को बढ़ावा

एपीईडीए ने कृषि-खाद्य और एग्री-टेक स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए ‘भारती’ पहल शुरू की है। एपीईडीए अध्यक्ष अभिषेक देव ने बताया कि ‘भारती’ का पूर्ण रूप
“भारत्स हब फॉर एग्रीटेक, रेजिलेंस, एडवांस्डमेंट एंड इंक्युवेशन फॉर एक्सपोर्ट एनेबलमेंट” है, जिसका उद्देश्य युवा उद्यमियों को नवाचार और निर्यात अवसरों से जोड़ना है।

इंडसफूड 2026 का विशाल ग्लोबल स्वरूप

टीपीसीआई के अध्यक्ष मोहित सिंगला ने बताया कि इंडसफूड 2026 में

  • 30 से अधिक देशों के 2,200 से ज्यादा प्रदर्शक,

  • 120 से अधिक देशों के 15,000 से ज्यादा खरीदार,

  • और लगभग 125,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला व्यापक प्रदर्शनी स्थल शामिल है।

इस वर्ष दो नए मंडप – पेट फूड एवं एनिमल न्यूट्रिशन तथा कुकवेयर एवं किचनवेयर – भी जोड़े गए हैं, जो बदलती जीवनशैली, स्वास्थ्य जागरूकता, प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती मांग और स्थिरता जैसे वैश्विक रुझानों को दर्शाते हैं।

ज्ञान, नवाचार और वैश्विक सहयोग का मंच

आईएफसीए के सहयोग से टीपीसीआई द्वारा विश्व पाक कला विरासत सम्मेलन 2026 सहित 40 से अधिक ज्ञानवर्धक सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। इनमें निवेश, निर्यात, नियमन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वचालन और खाद्य इकोसिस्टम पर 150 से अधिक वक्ता अपने विचार साझा करेंगे।

इस अवसर पर अबू धाबी फूड हब के सीईओ ने भारत–यूएई के बीच मजबूत सहयोग, सतत व्यापार प्रथाओं पर जोर देते हुए भारत–यूएई फूड कॉरिडोर के लिए टीपीसीआई के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) की घोषणा की।

भारत का खाद्य निर्यात लगातार मजबूत

कार्यक्रम में बताया गया कि वर्ष 2024-25 में भारत का खाद्य एवं पेय निर्यात 47.3 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जबकि प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात 7.9 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इसमें कोको और उससे जुड़े उत्पादों का प्रमुख योगदान रहा।

इंडसफूड 2026 न केवल व्यापार का मंच है, बल्कि यह भारत को वैश्विक खाद्य एवं पेय उद्योग में एक विश्वसनीय और भविष्य उन्मुख साझेदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

Leave a Comment