October 3, 2026 4:26 AM

Krishi Times

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ICAR-IARI में गूंजा स्वच्छ भारत का संकल्प!

स्वच्छ भारत दिवस पर ICAR-IARI का स्वच्छता संकल्प, ‘स्वच्छ परिसर-स्वस्थ वातावरण’ पर दिया जोर!

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर 2026। महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-IARI), नई दिल्ली में स्वच्छ भारत दिवस का आयोजन “स्वच्छता में सहभाग – स्वच्छ भारत, विकसित भारत” थीम के साथ किया गया। कार्यक्रम के तहत संस्थान परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया और स्वच्छ एवं स्वस्थ कार्यस्थल के निर्माण के लिए सभी कर्मचारियों, वैज्ञानिकों और छात्रों से निरंतर सहभागिता का आह्वान किया गया।

17 सितंबर से चल रहा है ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान

ICAR-IARI में स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान 17 सितंबर से संचालित किया जा रहा है। इस दौरान संस्थान के विभिन्न विभागों, कार्यालयों, प्रयोगशालाओं और परिसर क्षेत्रों में स्वच्छता, जनजागरूकता और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। स्वच्छ भारत दिवस पर कर्मचारियों और छात्रों ने संस्थान के नौ निर्धारित क्लस्टरों में सफाई गतिविधियों में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।

स्वच्छता को सालभर का अभियान बनाने का आह्वान

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. मंगी लाल जाट, सचिव (DARE) एवं महानिदेशक, ICAR ने संस्थान द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल एक दिवस या अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे वर्षभर की सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सकारात्मक कार्यस्थल कर्मचारियों के स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और वैज्ञानिक कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

डॉ. जाट ने टीम भावना, नेतृत्व विकास और युवा वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य के विज्ञान नेतृत्व को तैयार करने के लिए मेंटरिंग और क्षमता निर्माण आवश्यक है। साथ ही छात्रों के समग्र विकास पर ध्यान देकर उन्हें जिम्मेदार पेशेवर और समाज के उपयोगी नागरिक के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

जवाबदेही और संवाद संस्कृति पर जोर

उन्होंने संस्थागत कार्यप्रणाली में जवाबदेही की आवश्यकता बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने दायित्वों के प्रति उत्तरदायी रहना चाहिए। उन्होंने उभरते विषयों पर टाउन हॉल चर्चा और नियमित संगोष्ठियों के आयोजन का सुझाव भी दिया, जिससे वैज्ञानिकों, कर्मचारियों और छात्रों को विचार साझा करने तथा संस्थान के विकास में योगदान देने का अवसर मिल सके।

स्वच्छता केवल परिसर नहीं, मन और शरीर की भी हो

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ज्ञानेंद्र डी. त्रिपाठी, अतिरिक्त सचिव (DARE) एवं सचिव (ICAR) ने कहा कि स्वच्छता का दायरा केवल आसपास के वातावरण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि मन और शरीर की स्वच्छता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने संस्थान समुदाय से स्वच्छता अभियान की गति को बनाए रखने और बेहतर कार्यसंस्कृति विकसित करने का आह्वान किया।

सामूहिक प्रयासों की सराहना

डॉ. डी.के. यादव, उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), ICAR ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ICAR-IARI परिसर में स्वच्छता, स्वास्थ्यकर वातावरण और संस्थागत अनुशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय संस्थान के कर्मचारियों, वैज्ञानिकों और छात्रों के सामूहिक प्रयासों को दिया।

चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मान

स्वच्छता अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में पोस्ट ग्रेजुएट स्कूल स्टूडेंट्स यूनियन द्वारा आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों को कला के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना था।

स्वच्छ, हरित और स्वस्थ परिसर की दिशा में प्रयास

कार्यक्रम के अंत में डॉ. आर.एन. पडारिया, संयुक्त निदेशक (प्रसार), ICAR-IARI ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्रों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्थान का लक्ष्य केवल स्वच्छ परिसर बनाना नहीं, बल्कि “क्लीन कैंपस, ग्रीन कैंपस और हेल्दी कैंपस” की अवधारणा को व्यवहार में उतारना है।

ICAR-IARI में 17 सितंबर से चल रहा स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान स्वच्छता के प्रति जागरूकता, सामूहिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल संस्थान का वातावरण बेहतर होगा, बल्कि समाज में भी स्वच्छता के प्रति सकारात्मक संदेश पहुंचेगा।