मिज़ोरम पहुंचे केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन, मत्स्य पालन विकास पर जोर

PMMSY के तहत मिज़ोरम को मिलेगा मत्स्य विकास का तोहफा

📍 आइजोल, मिज़ोरम | केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने आज मिज़ोरम की राजधानी आइजोल का दौरा किया। लेंगपुई एयरपोर्ट पर उनका स्वागत राज्य के मत्स्य मंत्री लालथनसांगा, मत्स्य विभाग के सचिव इंजीनियर लालरोथांगा, निदेशक सुश्री लालत्लेइपुई समेत अन्य विभागीय अधिकारियों ने किया।

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🔍 दौरे का प्रमुख उद्देश्य

कुरियन ने लेंगपुई क्षेत्र में स्थित निजी मत्स्य तालाबों, उत्तर पूर्वी परिषद (NEC) द्वारा प्रस्तावित मछली पालक प्रशिक्षण केंद्र और लालडेंगा मत्स्य प्रदर्शन फार्म का निरीक्षण किया। इस दौरे का उद्देश्य राज्य में मछली पालन क्षेत्र की संभावनाओं का आकलन और भविष्य की योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा करना था।

🧩 राज्य सरकार की मांगें

दौरे के दौरान मिज़ोरम सरकार के प्रतिनिधियों ने मंत्री को मत्स्य पालकों को आ रही समस्याओं से अवगत कराया। विशेष रूप से ममित जिले के ज़ौलनुआम क्षेत्र में प्रस्तावित “इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क” परियोजना को केंद्र सरकार से जल्द स्वीकृति दिलाने का आग्रह किया गया।

💰 एफएफपीओ और स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा..

कुरियन ने मछली पालक उत्पादक संगठनों (FFPOs) के ज़रिये इक्विटी अनुदान देने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने स्थानीय स्तर पर फिश फीड उत्पादन को स्टार्टअप के रूप में विकसित करने की सलाह दी, जिससे आत्मनिर्भरता और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिल सके।

📢 योजनाओं के प्रचार पर बल..

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी मत्स्य पालकों तक पहुंचाने के लिए आउटरीच कार्यक्रम चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों को प्राथमिकता देती है और मिज़ोरम में मत्स्य क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।

📊 एक्वाकल्चर के लिए उपयुक्त भूमि..

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, मिज़ोरम की कुल 24,000 हेक्टेयर भूमि में से लगभग 26.5% भूमि एक्वाकल्चर के लिए उपयुक्त है, जो राज्य के मत्स्य उत्पादन को नई ऊंचाई दे सकती है।

🐠 PMMSY के तहत सजावटी मछलियों की इकाइयों का दौरा..

आइजोल के खाटला क्षेत्र में श्री कुरियन ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के अंतर्गत सजावटी मछलियों की पालन इकाइयों का निरीक्षण किया। ये इकाइयाँ स्थानीय स्तर पर विक्रय केंद्र के रूप में कार्यरत हैं और योजना के तहत विकसित की गई हैं।

ℹ️ पीएमएमएसवाई के बारे में..

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) केंद्र सरकार की प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य भारत में मत्स्य क्षेत्र का सतत विकास करना और ब्लू रेवोल्यूशन को साकार करना है। योजना के तहत मूल्य श्रृंखला की कमियों को दूर करने, क्षेत्र का आधुनिकीकरण करने और मछुआरों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं।