फिक्की अन्नपूर्णा प्रदर्शनी 2025 ने खोले भारत के विस्तारित खाद्य प्रसंस्करण इकोसिस्टम के द्वार
मुंबई में वैश्विक हितधारकों की भागीदारी; खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के सचिव बोले—“यह क्षेत्र कृषि, आजीविका और उपभोक्ता अनुभव—तीनों को बदलने की क्षमता रखता है”
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मुंबई, –भारत के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को वैश्विक स्तर पर नए आयाम देने वाली फिक्की अन्नपूर्णा इंटरफूड प्रदर्शनी 2025 का आगाज़ मुंबई में हुआ। इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय आयोजन ने न केवल भारत के बढ़ते खाद्य इकोसिस्टम को प्रदर्शित किया, बल्कि किसानों, उद्यमियों, निवेशकों और उपभोक्ताओं के लिए एक साझा मंच बनकर उभरते अवसरों को रेखांकित किया।
उद्घाटन सत्र में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव अविनाश जोशी (IAS) ने कहा कि भारत आज एक नए खाद्य क्रांति के दौर से गुजर रहा है और फिक्की का अन्नपूर्णा मंच इस क्षमता को दुनिया के सामने सशक्त रूप से प्रस्तुत कर रहा है।
“खाद्य प्रसंस्करण उद्योग कृषि और उपभोक्ता—दोनों का भविष्य बदल सकता है”—जोशी
जोशी ने कहा कि भारत कृषि आधारित अर्थव्यवस्था है, जहां उत्पादन लगातार बढ़ रहा है, उपभोग के तरीके बदल रहे हैं और घरेलू बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश, तकनीकी उन्नयन और मूल्यवर्धन अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा: “यदि हम प्रसंस्करण और खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत नहीं करेंगे तो किसान अपनी संभावित समृद्धि से वंचित रह जाएंगे और उपभोक्ताओं को गुणवत्ता व विविधता का लाभ नहीं मिल पाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि नीति समर्थन, सब्सिडी और पारदर्शी विनियमन से यह क्षेत्र हर हितधारक के लिए विकास का केंद्र बने।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) और PMFME योजना के तहत सरकार 35 से 50 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी, कोल्ड-चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर, फूड टेस्टिंग लैब, इन्क्यूबेशन केंद्र और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष सहायता दे रही है।
विशेषकर महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को खाद्य प्रसंस्करण उद्यम शुरू करने के लिए सीड फंड और प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
प्रदर्शनी में 18 देशों की भागीदारी, भारत का वैश्विक नेतृत्व उभर कर सामने आया
फिक्की और खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह प्रदर्शन भारत के खाद्य उद्योग का सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच बन गया है। इस वर्ष के आयोजन में अफ्रीका, अमेरिका, यूरोप, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया सहित 17–18 देशों के प्रतिनिधियों, व्यापार विशेषज्ञों और उद्योग नेताओं ने भाग लिया।
यहां खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, कोल्ड-चेन, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, उपकरण निर्माण, निर्यात और कृषि तकनीक से जुड़े हजारों प्रतिभागियों ने नई संभावनाओं पर चर्चा की।
जनरेशन-ज़ी ने बदला आधुनिक उपभोक्ता का व्यवहार—उद्योग रिपोर्ट का खुलासा
इस अवसर पर फ्यूचर मार्केट इनसाइट्स की प्रिंसिपल कंसल्टेंट सुश्री नंदिनी रॉय चौधरी ने विस्तृत उद्योग रिपोर्ट प्रस्तुत की।
रिपोर्ट में बताया गया कि जेनरेशन-ज़ी (Gen-Z) ने आधुनिक उपभोक्ता की परिभाषा को नई दिशा दी है।
उन्होंने कहा: जेन-ज़ी पारदर्शिता को “अतिरिक्त लाभ” नहीं बल्कि “न्यूनतम आवश्यकता” मानते हैं।
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वे यह जानना चाहते हैं कि उत्पाद कहां से आए, कैसे तैयार हुए, और पर्यावरण पर उनका क्या प्रभाव है।
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लंबी विज्ञापनबाजी के बजाय यह पीढ़ी डिजिटल क्रिएटर्स, सोशल ट्रेंड्स और विज़ुअल कंटेंट पर भरोसा करती है।
रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू रसोई उपकरणों का बाजार 32.1 बिलियन डॉलर (2027) से बढ़कर 50 बिलियन डॉलर (2035) तक पहुंचने का अनुमान है, जो बदलते उपभोग पैटर्न का स्पष्ट संकेत है।
मध्य प्रदेश बन रहा निवेशकों का पसंदीदा केंद्र
मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौड़ ने कहा कि राज्य में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि:
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बेहतर इंडस्ट्रियल कनेक्टिविटी,
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मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर,
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भूमि की उपलब्धता,
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प्रशिक्षित कार्यबल
की वजह से राज्य खाद्य उद्योग के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
उद्योग प्रतिनिधियों ने प्रदर्शनी को बताया ‘भारत के खाद्य भविष्य का मंच’
एफआईसीसीआई के सहायक महासचिव बलविंदर सिंह साहनी ने कहा कि कोविड-19 के बाद उपभोक्ताओं की गुणवत्ता, सुविधा और सुरक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता के बीच यह प्रदर्शनी उत्पादकों, प्रोसेसरों, नियामकों और खरीदारों को एक मंच पर जोड़ती है।
वहीं, वीए एग्ज़िबिशन के सीईओ अश्वनी पांडे ने कहा कि अन्नपूर्णा इंटरफूड का यह 17वां संस्करण भारत के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विकास को दर्शाने वाला सबसे प्रतिष्ठित मंच है।
उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी:
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उभरते उत्पाद
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नवीन प्रसंस्करण तकनीक
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निर्यात मानकों
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FSSAI द्वारा निगरानी खाद्य सुरक्षा प्रोटोकॉल
के बारे में स्पष्ट मार्गदर्शन उपलब्ध कराती है।
खाद्य प्रसंस्करण इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
अन्नपूर्णा प्रदर्शनी 2025 ने न केवल भारत के विकसित होते खाद्य प्रसंस्करण इकोसिस्टम को उजागर किया, बल्कि वैश्विक स्तर पर इसकी बढ़ती मांग, निर्यात संभावनाओं और तकनीकी उन्नयन की दिशा में मजबूत संदेश भी दिया है।
यह आयोजन किसानों, उद्यमियों, स्टार्टअप्स, निवेशकों और उद्योग जगत के लिए एक ऐसे राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है जहाँ भारत के खाद्य भविष्य की नई राहें तय की जा रही हैं।