बिहार का मखाना: परंपरा से सुपरफूड बनने तक का सफर!

मखाना: बिहार का सफेद सोना, जो बदल रहा है किसानों की तकदीर! भारत का बिहार राज्य अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक संपदा के लिए जाना जाता है। इसी संपदा में एक अनमोल उपहार है “मखाना,” जिसे ई-लिली के बीज के रूप में भी जाना जाता है। “बिहार का सफेद सोना” भी कहा जाता है। डॉ.मनोज … Read more

बायोटेक खेती: भारत के किसानों के लिए सुनहरा अवसर!

“आधुनिक खेती का नया युग: जैव प्रौद्योगिकी के कमाल से!” जैव प्रौद्योगिकी का क्रांतिकारी प्रभाव: जैव प्रौद्योगिकी ने कृषि, जलीय कृषि और पशु विज्ञान में बड़ा बदलाव लाया है। यह फसल सुधार, रोग प्रबंधन और टिकाऊ कृषि के नए तरीके ला रही है। हाल ही में जीनोम एडिटिंग, आणविक प्रजनन और जैव नियंत्रण समाधानों में … Read more

पूसा कृषि विज्ञान मेला 2025 सफलतापूर्वक संपन्न

किसानों को मिली 300 से अधिक नई तकनीकें नई दिल्ली, 24 फरवरी 2025 – भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) में आयोजित “पूसा कृषि विज्ञान मेला 2025” शानदार सफलता के साथ संपन्न हुआ। तीन दिवसीय इस मेले में एक लाख से अधिक किसानों ने भाग लिया और 300 से अधिक नवीनतम कृषि तकनीकों का अवलोकन किया। … Read more

“पूसा कृषि विज्ञान मेला 2025: नई दिल्ली में 22-24 फरवरी को होगा भव्य आयोजन”

 उन्नत कृषि के प्रदर्शन पर जोर नई दिल्ली: भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली द्वारा आयोजित “पूसा कृषि विज्ञान मेला 2025” आगामी 22 से 24 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष मेले का मुख्य विषय “उन्नत कृषि – विकसित भारत” है। मेले का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान … Read more

कृषि के 6 “M” पर जोर: किसान मेले का भव्य उद्घाटन

तीन दिवसीय किसान मेला, जलवायु अनुकूल कृषि पर विशेष जोर समस्तीपुर, बिहार: “जलवायु अनुकूल कृषि से विकसित भारत की ओर” विषय पर आयोजित तीन दिवसीय किसान मेला-2025 का उद्घाटन बिहार सरकार के माननीय सूचना एवं जनसम्पर्क मंत्री एवं कल्याणपुर (समस्तीपुर) के विधायक श्री महेश्वर हज़ारी के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस भव्य समारोह में विशिष्ट … Read more

जाड़े के बाद केले और पपीते की उन्नत खेती: सम्पूर्ण गाइड

केले और पपीते की उन्नत खेती: उर्वरक, जल और रोग प्रबंधन फरवरी के मध्य तक तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है, जो केला और पपीता जैसी उष्णकटिबंधीय फसलों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण होता है। सर्दियों के दौरान, जब तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है, तो इन फसलों की वृद्धि बाधित होती है, जिससे … Read more

14वें एशियाई मत्स्य पालन और जलीय कृषि फोरम का आयोजन

सतत मत्स्य पालन और जलीय कृषि की दिशा में नए कदम 14वां एशियाई मत्स्य पालन और जलीय कृषि फोरम (14 एएफएएफ) आज से नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष का विषय “एशिया-प्रशांत में ब्लू ग्रोथ को हरित बनाना” है। यह प्रतिष्ठित त्रैवार्षिक आयोजन एशियाई मत्स्य पालन सोसायटी (एएफएस) द्वारा किया जाता … Read more

प्राकृतिक मोती की खेती के लिए सरकार की खास पहल

भारत सरकार प्राकृतिक मोती की खेती को बढ़ावा देने के लिए कोशिश नई दिल्ली, भारत सरकार के मत्स्यपालन विभाग, मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने प्राकृतिक मोती की खेती (नैचुरल पर्ल फारमिंग) को बढ़ावा देने के लिए कई अहम पहल की हैं। राज्य सरकारों, अनुसंधान संस्थानों और अन्य संबंधित एजेंसियों के सहयोग से यह प्रयास … Read more

विश्व दलहन दिवस: पोषण, कृषि और सतत विकास को बढ़ावा देने का अवसर

भारत में दलहन उत्पादन और सरकारी योजनाएं हर साल 10 फरवरी को विश्व दलहन दिवस (World Pulses Day) मनाया जाता है। यह दिन संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा घोषित किया गया था, ताकि दलहन (पल्सेज़) के महत्व को उजागर किया जा सके और उनके सतत उत्पादन और खपत को बढ़ावा दिया जा सके। दलहन: पोषण का … Read more

कृषि उन्नति के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र संपन्न

जलवायु परिवर्तन के अनुरूप खेती के उपाय पर चर्चा नई दिल्ली – भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली के जल प्रौद्योगिकी केंद्र में किसानों के लिए सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सुनियोजित कृषि और बागवानी समिति (एनसीपीएएच) द्वारा प्रायोजित और सुनियोजित कृषि विकास केंद्र (पीएफडीसी) के तत्वावधान में आयोजित … Read more