मखाना वैल्यू चेन में बिहार नंबर-1, मिला राष्ट्रीय सम्मान

बिहार को मिला गौरव का क्षण: मखाना वैल्यू चेन में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय सम्मान

पटना –बिहार के कृषि क्षेत्र के लिए यह एक ऐतिहासिक और गर्व का पल है। राज्य के उद्यान निदेशालय, पटना को मखाना वैल्यू चेन में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रतिष्ठित Golden Peacock Innovative Product/Service Award से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान देश-विदेश में गुणवत्ता, नवाचार और उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए जाना जाता है।

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यह पुरस्कार Institute of Directors द्वारा प्रदान किया जाता है, जो विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संस्थानों को पहचान देने का कार्य करता है। वर्ष 2026 के लिए यह सम्मान बिहार के उद्यान निदेशालय को मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन में किए गए अभिनव प्रयासों के लिए मिला है।

मखाना बना बिहार की पहचान

बिहार विशेषकर मिथिला और आसपास के क्षेत्रों में मखाना के खेती का केंद्र रहा है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार ने मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। किसानों को प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर काम किया गया है। इसी का परिणाम है कि आज मखाना न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान बना चुका है।

नवाचार और प्रबंधन का मिला इनाम

इस उपलब्धि के पीछे मखाना वैल्यू चेन को मजबूत करने की रणनीति रही है, जिसमें उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग तक हर स्तर पर सुधार किए गए। किसानों को संगठित कर एफपीओ (FPO) मॉडल अपनाया गया, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

कृषि मंत्री ने दी बधाई

बिहार सरकार के कृषि मंत्री Ram Kripal Yadav ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य के किसानों और कृषि वैज्ञानिकों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार आगे भी कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देती रहेगी।

भविष्य की दिशा

यह सम्मान न केवल बिहार के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा है कि किस तरह स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई जा सकती है। मखाना अब “सुपरफूड” के रूप में उभर रहा है और आने वाले समय में इसके निर्यात में और वृद्धि की संभावना है।

इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो पारंपरिक कृषि भी आधुनिक अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बन सकती है।