बिहार की डिजिटल कृषि व्यवस्था में केन्या की रुचि, कृषि भवन पटना में हुआ अनुभव साझा
पटना। बिहार की तेजी से विकसित हो रही डिजिटल कृषि व्यवस्था और किसान-केंद्रित सेवाओं ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में कृषि भवन, पटना में केन्या के प्रतिष्ठित इक्विटी ग्रुप होल्डिंग्स और माइक्रोसेव कंसल्टिंग के प्रतिनिधिमंडल के साथ बिहार सरकार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में डिजिटल कृषि, कृषि वित्त और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में सहयोग एवं अनुभवों के आदान-प्रदान पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान बिहार में किसानों के लिए विकसित की गई विभिन्न डिजिटल पहलों की जानकारी साझा की गई। इनमें बिहार कृषि ऐप, डिजिटल फसल सर्वेक्षण, फार्मर आईडी, किसान पंजीकरण प्रणाली, कृषि परामर्श सेवाएं, बाजार संपर्क प्लेटफॉर्म, कृषि वित्त और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जुड़ी डिजिटल सुविधाएं प्रमुख रहीं।
तकनीक से किसानों तक पहुंच रही सेवाएं

राज्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को योजनाओं की जानकारी, फसल संबंधी सलाह, मौसम आधारित कृषि परामर्श, बाजार भाव तथा सरकारी सहायता योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी और तेज़ी से उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे किसानों और कृषि विभाग के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है तथा सेवा वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी बनी है।
कृषि वित्त और वित्तीय समावेशन पर विशेष जोर
बैठक में कृषि क्षेत्र में वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। किसानों को संस्थागत ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड, बैंकिंग सेवाओं और डिजिटल भुगतान प्रणालियों से जोड़ने के प्रयासों को बिहार मॉडल की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल पहचान और किसान डेटाबेस के माध्यम से ऋण वितरण प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी बन सकती है।
बिहार-केन्या सहयोग की संभावनाएं
केन्याई प्रतिनिधिमंडल ने बिहार की डिजिटल कृषि पहलों में गहरी रुचि दिखाई और किसानों तक तकनीक आधारित सेवाएं पहुंचाने के मॉडल को समझा। दोनों पक्षों के बीच डिजिटल कृषि, कृषि वित्त, डेटा आधारित कृषि प्रबंधन और ग्रामीण नवाचार के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अफ्रीकी देशों के बीच कृषि तकनीक, डिजिटल सेवाओं और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में साझेदारी किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
डिजिटल खेती की ओर बढ़ता बिहार
बिहार सरकार कृषि क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई पहलें कर रही है। किसान डेटाबेस, डिजिटल सर्वेक्षण और मोबाइल आधारित सेवाओं के माध्यम से खेती को अधिक वैज्ञानिक, डेटा-आधारित और लाभकारी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यही वजह है कि बिहार का डिजिटल कृषि मॉडल अब अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और विकास संगठनों के लिए भी अध्ययन का विषय बन रहा है।
“समृद्ध किसान — विकसित बिहार” के लक्ष्य के साथ राज्य डिजिटल कृषि और कृषि वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

























