सहकारिता मंत्री अमित शाह ने NCEL, NCOL और BBSSL की प्रगति की समीक्षा की

सहकारिता में ₹2 लाख करोड़ निर्यात लक्ष्य

नई दिल्ली: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजधानी में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (NCEL), नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL) और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में सहकारिता मंत्रालय के सचिव, वरिष्ठ अधिकारीगण एवं संबंधित संस्थाओं के प्रबंध निदेशक—अनुपम कौशिक (NCEL),  विपुल मित्तल (NCOL) और चेतन जोशी (BBSSL)—उपस्थित थे।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2023 में गठित ये राष्ट्रीय सहकारी संस्थाएं “Whole of Government” दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही हैं और सहकारिता क्षेत्र में छत्र संगठन की भूमिका निभा रही हैं।

निर्यात को लेकर NCEL को निर्देश

बैठक में अमित शाह ने NCEL को सहकारी चीनी मिलों की चीनी, त्रिपुरा का सुगंधित चावल, जैविक कपास और मोटे अनाज जैसे उत्पादों के निर्यात के नए अवसर तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने खाड़ी देशों में ताजे फल-सब्जियों के निर्यात तथा विशेष आलू किस्मों के लिए बड़ी कंपनियों के साथ रणनीतिक साझेदारी का सुझाव भी दिया। NCEL को तीन विशिष्ट उत्पादों के निर्यात के माध्यम से ₹2 लाख करोड़ का महत्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल करने की दिशा में कार्य करने को कहा गया।

NCOL को कारोबार विस्तार के लक्ष्य

मंत्री ने NCOL को वित्तीय वर्ष 2025-26 तक ₹300 करोड़ से अधिक का वार्षिक कारोबार हासिल करने का लक्ष्य लेकर चलने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जैविक कृषि के बढ़ते वैश्विक रुझान को देखते हुए NCOL के पास असीमित संभावनाएं हैं।

बीज क्षेत्र में BBSSL की भूमिका

BBSSL की भूमिका की सराहना करते हुए श्री शाह ने कहा कि यह संस्था भारत के बीज पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त करने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने उच्च चीनी मात्रा और कम जल-आवश्यकता वाली गन्ना किस्मों पर अनुसंधान की आवश्यकता पर बल दिया।

गुजरात के कलोल में स्थापित अत्याधुनिक बीज अनुसंधान केंद्र को अरहर, उड़द और मक्का जैसी फसलों की उच्च उपज, शीघ्र परिपक्वता और जल-संरक्षण अनुकूल किस्मों के विकास पर कार्य करने का निर्देश दिया गया।

नवाचार और गुणवत्ता पर जोर

शाह ने फ्रेंच फ्राइज जैसी प्रोसेसिंग किस्मों के लिए विशेष बीज उत्पादन कार्यक्रम चलाने, और NDDB तथा अमूल नेटवर्क के माध्यम से लचका चारे की किस्में किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कृषि मंत्रालय के साथ समन्वय कर आवश्यक ब्रीडर बीजों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई

अंत में अमितशाह ने BBSSL के प्रयासों की सराहना की और सरकार की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि वह नवाचार, गुणवत्ता इनपुट्स और संस्थागत समर्थन के माध्यम से कृषि सहकारिता संस्थाओं को सशक्त बनाएगी।