संतुलित उर्वरक उपयोग और टिकाऊ खेती पर राष्ट्रीय चिंतन शिविर का आयोजन
नई दिल्ली। किसानों को केंद्र में रखकर नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन, समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार के उर्वरक विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर, नई दिल्ली में एक दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में संतुलित उर्वरक उपयोग, टिकाऊ खेती और उर्वरक क्षेत्र की वर्तमान व भविष्य की चुनौतियों पर गहन मंथन किया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!किसान केंद्रित नीतियां सरकार की प्राथमिकता : जेपी नड्डा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदैव किसानों को नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि उसकी नीतियों और फैसलों से किसानों का जीवन आसान बने और उन्हें खेती के लिए आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध हों।
विकट परिस्थितियों में भी उर्वरक आपूर्ति सराहनीय
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ग्लोबल स्तर पर उत्पन्न कठिन परिस्थितियों के बावजूद उर्वरक विभाग ने देशभर में किसानों की जरूरतों को समय पर पूरा किया। उन्होंने उर्वरक विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसान हितैषी कदमों का ही परिणाम है कि इस वर्ष भारत ने उर्वरकों के आयात के साथ-साथ घरेलू उत्पादन में भी रिकॉर्ड उपलब्धि हासिल की है।
संतुलित उर्वरक उपयोग और दुरुपयोग पर रोक पर जोर
जेपी नड्डा ने कहा कि उर्वरकों के असंतुलित उपयोग और खेती के अलावा अन्य क्षेत्रों में उनके दुरुपयोग से उत्पन्न समस्याओं से निपटने के लिए भारत सरकार के विभिन्न विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे। उन्होंने संतुलित उर्वरक उपयोग को टिकाऊ खेती और दीर्घकालीन मिट्टी स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।
भारत को ग्लोबल खाद्य भंडार बनाने की दिशा में प्रयास : अनुप्रिया पटेल
इस अवसर पर राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि भारत विश्व के लिए एक प्रमुख खाद्य भंडार केंद्र के रूप में विकसित हो। उन्होंने कहा कि इस चिंतन शिविर से सरकार को ऐसे उपयोगी और नवाचारी विचार प्राप्त होंगे, जो भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सरकार, पीएसयू और निजी क्षेत्र का साझा मंथन : उर्वरक सचिव
उर्वरक सचिव रजत कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) और निजी क्षेत्र ने किसानों को इस मंथन के केंद्र में रखा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साझा प्रयास से बेहतर और व्यावहारिक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने बताया कि चिंतन शिविर को ऐसा मंच बनाया गया, जहां हर विचार और सुझाव को स्थान मिल सके।
15 समूहों द्वारा 15 प्रमुख विषयों पर गहन चर्चा
एक दिवसीय चिंतन शिविर के दौरान 15 अलग-अलग समूहों ने आपसी विचार-विमर्श कर भारत सरकार को कई कारगर सुझाव दिए। केंद्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्री, राज्य मंत्री और उर्वरक सचिव ने सभी समूहों के साथ अलग-अलग बैठक कर उनके सुझावों को विस्तार से सुना। इन समूहों द्वारा उर्वरक क्षेत्र के नए दौर की चुनौतियां, उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भरता, किसानों से संवाद, उर्वरक इकोसिस्टम का डिजिटलीकरण, पोषण आधारित सब्सिडी सहित कुल 15 महत्वपूर्ण विषयों पर विमर्श किया गया।
पीएसयू, सहकारी और निजी कंपनियों की सक्रिय भागीदारी
चिंतन शिविर में उर्वरक विभाग के सभी 9 सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) के वरिष्ठ अधिकारी, सहकारी संस्थाओं तथा निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आयोजन को उर्वरक क्षेत्र में नीति सुधार, नवाचार और किसान कल्याण को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।