September 28, 2026 1:51 PM

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मूंगफली-सोयाबीन खरीद अवधि बढ़ी, दालों की 100% खरीदी मंजूर

सरकार का तोहफा: मूंगफली-सोयाबीन खरीद अब और आसान

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने विभिन्न राज्यों में मूंगफली और सोयाबीन की खरीद अवधि बढ़ाने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, सरकार ने अगले चार वर्षों तक तुअर, मसूर और उड़द की 100% खरीदी जारी रखने का निर्णय लिया है।

राज्यों में बढ़ी खरीद अवधि
महाराष्ट्र में सोयाबीन खरीद की अवधि को 24 दिन और तेलंगाना में 15 दिन बढ़ाया गया है। इसी तरह, कर्नाटक में मूंगफली खरीद की अवधि 25 दिन और गुजरात में 6 दिन के लिए बढ़ाई गई है। यह निर्णय किसानों को उनकी उपज बेचने के लिए अधिक समय देने के उद्देश्य से लिया गया है।

पीएम-आशा योजना को 2025-26 तक मंजूरी
भारत सरकार ने 15वें वित्त आयोग चक्र के तहत 2025-26 तक एकीकृत प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) योजना को जारी रखने को मंजूरी दी है। इस योजना में मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस), मूल्य कमी भुगतान योजना (पीडीपीएस), बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) और मूल्य स्थिरीकरण निधि (पीएसएफ) जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।

खरीफ सीजन 2024-25 के लिए खरीद का विस्तार
केंद्रीय मंत्री ने खरीफ सीजन 2024-25 के तहत छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और तेलंगाना में सोयाबीन की खरीद को मंजूरी दी है। अब तक 19.99 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) सोयाबीन की खरीद हो चुकी है, जिससे 8,46,251 किसानों को सीधा लाभ मिला है।

प्रतीकात्मक चित्र

दालों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा
सरकार ने दालों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के उद्देश्य से 2024-25 में तुअर, उड़द और मसूर की 100% खरीदी को मंजूरी दी है। बजट 2025 में यह घोषणा की गई कि अगले चार वर्षों तक राज्य के उत्पादन के 100% तक इन दालों की खरीद जारी रहेगी। इससे न केवल किसानों को फायदा होगा, बल्कि देश में दालों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी।

कृषि और किसान कल्याण प्राथमिकता में
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की भलाई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इन निर्णयों से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा।

यह कदम किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र के सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।