November 3, 2026 12:51 AM

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यूपी में गौशालाओं की व्यवस्था सुधारने पर जोर!

सड़कों पर निराश्रित गौवंश न दिखें, गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर: धर्मपाल सिंह!

बरेली में पशुपालन एवं दुग्ध विकास विभाग की समीक्षा बैठक, गौशालाओं में सीसीटीवी, चारा, पानी और बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश

बरेली। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग मंत्री धर्मपाल सिंह ने बरेली स्थित सर्किट हाउस सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर गौवंश संरक्षण, गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में अपर निदेशक, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, पराग के महाप्रबंधक तथा पशु चिकित्सा अधिकारी शामिल हुए।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर निराश्रित गौवंश दिखाई नहीं देना चाहिए। ऐसे गौवंश को सुरक्षित तरीके से चिन्हित कर नजदीकी गौशालाओं तक पहुंचाया जाए। उन्होंने गौवंश के संरक्षण के साथ उनके समुचित रखरखाव, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा।

गौशालाओं को आय का केंद्र बनाने की पहल

धर्मपाल सिंह ने कहा कि गौशालाओं को केवल पशुओं के आश्रय स्थल तक सीमित न रखकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जाना चाहिए। इसके लिए वर्मी कम्पोस्ट, गौकाष्ठ और गौदीप निर्माण जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इन कार्यों में महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़ने पर भी जोर दिया, ताकि ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर विकसित हो सकें।

उन्होंने प्रत्येक गौशाला में सीसीटीवी कैमरे लगाने, बाउंड्री वॉल की व्यवस्था करने तथा हरे चारे, भूसे, बिजली और स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। अधिकारियों को गौशालाओं की नियमित निगरानी और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए भी निर्देशित किया गया।

नस्ल सुधार और कृत्रिम गर्भाधान पर जोर

बैठक में गौवंश की उत्पादकता बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने गौशालाओं में दूध देने वाली गायों के बेहतर प्रबंधन, नस्ल सुधार और कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उनका जोर इस बात पर रहा कि संरक्षण के साथ पशुओं की उत्पादक क्षमता और स्वास्थ्य में भी सुधार किया जाए।

गौशालाओं के संचालन में धन की कमी दूर करने के लिए उन्होंने राज्य वित्त आयोग से नियमित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक समन्वय करने को कहा।

गांव-गांव तक बढ़ेंगी दुग्ध समितियां

दुग्ध विकास की समीक्षा करते हुए मंत्री ने गांव-गांव में दुग्ध समितियों का विस्तार करने और अधिक से अधिक पशुपालक किसानों को सहकारी दुग्ध व्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दूध की गुणवत्ता बनाए रखने, उचित मूल्य दिलाने और किसानों को दूध का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। कृषि और पशुपालन एक-दूसरे के पूरक क्षेत्र हैं। पशुपालन से किसानों को खेती के साथ अतिरिक्त आय का अवसर मिलता है, जबकि दुग्ध सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

दीपावली पर पराग की मिठाइयों की उपलब्धता के निर्देश

बैठक में आगामी दीपावली के मद्देनजर पराग की मिठाइयों की गुणवत्ता और उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहार के दौरान उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, स्वादिष्ट और सुरक्षित मिठाइयां उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक तैयारियां की जाएं।

बैठक में गौशालाओं के बेहतर संचालन, पशुपालकों की आय बढ़ाने, दुग्ध सहकारी समितियों के विस्तार और पराग की सेवाओं को मजबूत करने से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई।