अफ्रीका में कृषि स्टार्टअप्स को मिलेगा बड़ा सहारा, IFAD और AgDevCo ने किया 1 करोड़ डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर
किगाली (रवांडा), 3 सितंबर 2026। अफ्रीका में कृषि क्षेत्र की वित्तीय चुनौतियों को दूर करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) और कृषि निवेश कंपनी AgDevCo Ventures Limited ने 1 करोड़ अमेरिकी डॉलर (10 मिलियन डॉलर) के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस निवेश का उद्देश्य शुरुआती चरण के कृषि उद्यमों (Early-Stage Agribusinesses) को वित्तीय सहायता प्रदान करना, खाद्य प्रणालियों को अधिक मजबूत बनाना तथा कृषि व्यवसायों में निजी निवेश को बढ़ावा देना है।
यह पहल उन कृषि उद्यमों पर केंद्रित होगी जिन्हें पारंपरिक बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों से पर्याप्त ऋण या निवेश नहीं मिल पाता। IFAD की वित्तीय सहायता के साथ AgDevCo दीर्घकालिक पूंजी, तकनीकी सहयोग और जोखिम वहन करने वाली निवेश रणनीति के जरिए इन कंपनियों को विस्तार, उत्पादकता वृद्धि और बाजार पहुंच बढ़ाने में मदद करेगा।
कृषि क्षेत्र में 180 अरब डॉलर की वित्तीय कमी
विशेषज्ञों के अनुसार अफ्रीका के कृषि क्षेत्र में हर वर्ष लगभग 180 अरब डॉलर की वित्तीय कमी बनी रहती है। इनमें से करीब 65 अरब डॉलर की कमी छोटे और मध्यम कृषि व्यवसायों (SMEs) के लिए है। यही कारण है कि अनेक संभावनाशील कृषि उद्यम पर्याप्त पूंजी के अभाव में विस्तार नहीं कर पाते, जबकि वे रोजगार सृजन, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
IFAD के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट डोनाल ब्राउन ने कहा कि अफ्रीका की खाद्य प्रणालियों को ऐसे वित्तीय समाधानों की आवश्यकता है जो कृषि व्यवसायों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप हों। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी दिखाती है कि मिश्रित वित्त (Blended Finance) मॉडल के जरिए निवेश जोखिम को कम कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है।
पांच देशों में शुरू होगी पहल
इस कार्यक्रम की शुरुआत इथियोपिया, केन्या, रवांडा, तंजानिया और युगांडा में की जाएगी। प्रारंभिक चरण में कृषि उत्पादन, कृषि इनपुट आपूर्ति, फसल संग्रहण (Aggregation) और प्रसंस्करण (Processing) से जुड़े लगभग 15 शुरुआती कृषि उद्यमों को सहयोग मिलेगा।
परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य निजी निवेशकों को कृषि क्षेत्र में अधिक निवेश के लिए प्रेरित करना भी है। संभावित वित्तीय जोखिमों को कम करके कृषि निवेश को अधिक आकर्षक और सुरक्षित बनाने की योजना तैयार की गई है।
1.28 लाख किसानों को होगा लाभ
अनुमान है कि यह पहल अगले 12 वर्षों में लगभग 1.28 लाख लघु एवं सीमांत किसानों तक लाभ पहुंचाएगी। इसके साथ ही करीब 2,900 पूर्णकालिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। कार्यक्रम में स्थानीय स्वामित्व वाली कंपनियों तथा महिला उद्यमियों द्वारा संचालित कृषि व्यवसायों को प्राथमिकता दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए अवसर पैदा होंगे, कृषि मूल्य श्रृंखला मजबूत होगी और महिलाओं व युवाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी।
खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास को मिलेगा बल
IFAD का कहना है कि यह साझेदारी केवल निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा, रोजगार सृजन और छोटे किसानों के लिए टिकाऊ आर्थिक अवसर विकसित करना है। अफ्रीका में जलवायु परिवर्तन, बाजार अस्थिरता और वित्तीय संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियों के बीच यह पहल कृषि क्षेत्र को अधिक लचीला और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इस मॉडल को सफलता मिलती है तो यह अन्य विकासशील देशों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है, जहां कृषि क्षेत्र में पूंजी निवेश की कमी ग्रामीण विकास की गति को प्रभावित कर रही है।
चित्र: सौजन्य IFAD

























