September 3, 2026 8:19 AM

Krishi Times

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दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी यूपी के किसानों के लिए आई उन्नत बासमती किस्म!

पूसा बासमती 3136: अधिक उपज और प्रीमियम गुणवत्ता के साथ किसानों की आय बढ़ाने वाली नई बासमती किस्म

नई दिल्ली। बासमती धान की खेती करने वाले किसानों के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली ने एक नई और उन्नत किस्म पूसा बासमती 3136 (IET 31307) विकसित की है। यह प्रीमियम बासमती किस्म विशेष रूप से दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कृषि-जलवायु क्षेत्रों के लिए अनुशंसित की गई है। उच्च उपज क्षमता, बेहतर दाना गुणवत्ता और उत्कृष्ट बाजार मूल्य की संभावनाओं के कारण यह किस्म किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

किसानों को मिलेगा अधिक उत्पादन का लाभ

पूसा बासमती 3136 को इस तरह विकसित किया गया है कि किसान कम संसाधनों में भी बेहतर फसल प्राप्त कर सकें। इसकी उच्च उत्पादकता क्षमता किसानों को प्रति हेक्टेयर अधिक उपज देने में सक्षम बनाती है, जिससे उनकी खेती की लाभप्रदता बढ़ सकती है। बासमती धान की बढ़ती घरेलू और निर्यात मांग को देखते हुए यह किस्म किसानों के लिए एक आकर्षक विकल्प बनकर उभरी है।

उत्कृष्ट दाना गुणवत्ता से बढ़ेगी बाजार में मांग

इस नई किस्म की सबसे बड़ी विशेषता इसकी उत्कृष्ट दाना गुणवत्ता है। लंबे, आकर्षक और बेहतर पकने वाले दानों के कारण यह किस्म उपभोक्ताओं और निर्यातकों दोनों की पसंद बन सकती है। अच्छी गुणवत्ता वाले बासमती चावल को बाजार में बेहतर कीमत मिलने की संभावना रहती है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिल सकता है।

दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए उपयुक्त

विशेषज्ञों के अनुसार पूसा बासमती 3136 को उन क्षेत्रों की कृषि परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है, जहां बासमती की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान इस किस्म को अपनाकर बेहतर उत्पादन और गुणवत्तापूर्ण फसल प्राप्त कर सकते हैं।

टिकाऊ और लाभकारी बासमती खेती की दिशा में कदम

कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि नई उन्नत किस्में न केवल उत्पादन बढ़ाती हैं, बल्कि किसानों को बदलती कृषि चुनौतियों के बीच बेहतर विकल्प भी उपलब्ध कराती हैं। पूसा बासमती 3136 किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली बासमती फसल के साथ बेहतर आर्थिक प्रतिफल देने की क्षमता रखती है, जिससे टिकाऊ और लाभकारी कृषि को बढ़ावा मिलेगा।

प्रमुख विशेषताएं

  • किस्म का नाम: पूसा बासमती 3136 (IET 31307)
  • विकासकर्ता: भा.कृ.अनु.प.-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली
  • अनुशंसित क्षेत्र: दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश
  • मुख्य लाभ: अधिक उपज क्षमता, उत्कृष्ट दाना गुणवत्ता और बेहतर आय की संभावना
  • उपयुक्तता: प्रीमियम बासमती उत्पादन एवं निर्यात बाजार की मांग के अनुरूप

किसानों के लिए संदेश

यदि आप बासमती धान की खेती से अधिक लाभ कमाना चाहते हैं, तो पूसा बासमती 3136 आपके लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। यह किस्म बेहतर उपज, बेहतर गुणवत्ता और बेहतर आमदनी के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Source: icar