भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026: उन्नत पशुपालन तकनीक और चारा प्रणालियों पर वैश्विक सहयोग को मिली नई दिशा !!
नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के बीच उच्च-स्तरीय संवाद, सतत पशुधन विकास पर रहा फोकस भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता-2026 के तहत पशुधन क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पशुपालन एवं डेयरी विभाग (डीएएचडी) ने 1 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन से वर्चुअल माध्यम से “उन्नत पशुधन प्रौद्योगिकी एवं चारा प्रणाली (ALT & FS)” विषय पर ब्रिक्स कृषि कार्य समूह के अंतर्गत उच्च-स्तरीय संवाद का आयोजन किया। इस सम्मेलन में सदस्य देशों के नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के विशेषज्ञों ने भाग लेकर पशुधन क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर व्यापक चर्चा की।
पशुधन क्षेत्र को मजबूत बनाने पर जोर !! 
कार्यक्रम में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह), राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार, अतिरिक्त सचिव वर्षा जोशी तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा, खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के पशु उत्पादन एवं स्वास्थ्य प्रभाग के निदेशक डॉ. थानवत तिएनसिन सहित ब्राजील, चीन, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, रूस, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान के विशेषज्ञों ने भी संवाद में भागीदारी की।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पोषण सुरक्षा में पशुधन की भूमिका !! 
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि पशुधन क्षेत्र केवल किसानों की आय का स्रोत नहीं है, बल्कि ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि कम उत्पादकता, गुणवत्तापूर्ण चारे की कमी, पशु रोगों और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का समाधान नवाचार आधारित तकनीकों और टिकाऊ उपायों से ही संभव है। उन्होंने ब्रिक्स देशों के बीच ज्ञान साझा करने, अनुसंधान सहयोग बढ़ाने और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से अधिक लचीली एवं टिकाऊ पशुधन प्रणालियों के निर्माण पर बल दिया।
जलवायु परिवर्तन और चारा संकट पर विशेष चर्चा !! 
राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि पशुधन क्षेत्र ग्रामीण समृद्धि का प्रमुख आधार है, लेकिन जलवायु परिवर्तन, पशु आहार की कमी और उभरती बीमारियां इस क्षेत्र के सामने गंभीर चुनौतियां बनकर उभरी हैं। उन्होंने उन्नत पशुपालन तकनीकों, वैज्ञानिक पशु पोषण और मजबूत चारा प्रणालियों को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
डेयरी और पशुपालन में नवाचार की जरूरत !!
एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने स्वागत भाषण में कहा कि डेयरी और पशुपालन क्षेत्र की दीर्घकालिक मजबूती के लिए नवाचार, अनुसंधान और सतत चारा प्रबंधन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती खाद्य मांग को पूरा करने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाना समय की मांग है।
खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस !!
डीएएचडी के सचिव नरेश पाल गंगवार ने अपने उद्घाटन वक्तव्य में कहा कि पशुधन क्षेत्र खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण रोजगार और समावेशी विकास का महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण चारे की उपलब्धता, वैज्ञानिक प्रबंधन और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से पशुधन उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया।
सदस्य देशों ने साझा किए अनुभव और नवाचार !!
संवाद के दौरान ब्रिक्स सदस्य देशों और सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों ने पशुपालन तकनीकों, चारा प्रबंधन, पशु पोषण और सतत पशुधन विकास से जुड़े अपने अनुभव, सर्वोत्तम प्रथाएं और नवाचार आधारित मॉडल साझा किए। चर्चा का मुख्य केंद्र अनुसंधान सहयोग, उत्पादकता वृद्धि, खाद्य सुरक्षा सुदृढ़ीकरण और ग्रामीण समुदायों की आय में सुधार रहा।
सतत पशुधन विकास के लिए साझा प्रतिबद्धता !!
कार्यक्रम के समापन पर अतिरिक्त सचिव वर्षा जोशी ने कहा कि पशुधन क्षेत्र को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु तकनीक, नवाचार और ज्ञान-साझाकरण को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने ब्रिक्स देशों के बीच निरंतर सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण पहल !!
इस उच्च-स्तरीय संवाद ने स्पष्ट किया कि ब्रिक्स देश पशुधन क्षेत्र के सतत विकास, वैश्विक खाद्य एवं पोषण सुरक्षा तथा किसानों की आजीविका सुदृढ़ करने के लिए तकनीक आधारित समाधानों और सहयोगात्मक साझेदारियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित यह पहल पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में वैश्विक सहयोग के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
चित्र: सौजन्य सोशल मीडिया, (डीएएचडी)


























