75,000 नई डेयरी समितियां होंगी स्थापित
नई दिल्ली: सहकारिता मंत्रालय ने सहकारी समितियों के नेतृत्व में “श्वेत क्रांति 2.0” की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य सहकारी कवरेज का विस्तार, रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इस पहल के तहत अगले पांच वर्षों में डेयरी सहकारी समितियों के दुग्ध क्रय में 50% तक वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।
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डेयरी किसानों को मिलेगा बड़ा बाजार
इस योजना का उद्देश्य संगठित क्षेत्र में डेयरी सहकारी समितियों की भागीदारी बढ़ाना और इनसे जुड़े किसानों को बाजार तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराना है। श्वेत क्रांति 2.0 की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) 19 सितंबर 2024 को लागू कर दी गई। योजना के तहत, वर्ष 2028-29 तक डेयरी सहकारी समितियों द्वारा दूध की खरीद 1007 लाख किलोग्राम प्रतिदिन तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस लक्ष्य को दो मुख्य रणनीतियों के तहत पूरा किया जाएगा:
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डेयरी सहकारी समितियों के कवरेज का विस्तार
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इन समितियों की बाजार तक पहुंच को सशक्त बनाना
75,000 नई डेयरी सहकारी समितियां होंगी स्थापित
सहकारिता मंत्रालय ने गांवों और पंचायतों में 75,000 नई डेयरी सहकारी समितियों (DCS) की स्थापना तथा 46,422 मौजूदा समितियों को मजबूत करने की योजना बनाई है। इन्हें नए दूध मार्ग विकसित करके और मौजूदा मार्गों का विस्तार कर बाजार से जोड़ा जाएगा। इस योजना के क्रियान्वयन और समन्वय का कार्य राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) द्वारा किया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा
भारत के डेयरी क्षेत्र में 70% कार्यबल महिलाओं का है, जो पशुपालन, दूध उत्पादन और पशु देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हालांकि, असंगठित संरचना के कारण उनके योगदान को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। श्वेत क्रांति 2.0 के तहत महिला किसानों को सहकारी क्षेत्र में संगठित कर सशक्त बनाया जाएगा। प्रत्येक गांव और पंचायत में महिला नेतृत्व वाली नई डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना की जाएगी।
पंजाब में 2,378 नई समितियां बनेंगी
पंजाब में इस योजना के तहत 2,378 नई डेयरी सहकारी समितियां स्थापित करने और 2,440 मौजूदा समितियों को सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 87 समितियां पंजीकृत हो चुकी हैं।
सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी साझा की।