सहकारिता मंत्रालय अब गांव-गरीब-किसान का असली साथी!
सहकार संवाद में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारिता क्षेत्र की महिलाओं से की सीधी बातचीत
📅 अहमदाबाद✍️ अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान की महिला सहकारी कार्यकर्ताओं के साथ ‘सहकार संवाद’ किया।
इस अवसर पर शाह ने घोषणा की कि सहकारिता क्षेत्र में युवा पेशेवरों को प्रशिक्षित करने की मूल कल्पना श्री त्रिभुवनदास पटेल जी की थी। इसी उद्देश्य से “त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय” की स्थापना गुजरात के आनंद जिले में की जा रही है। उन्होंने कहा कि त्रिभुवनदास जी ने बिना प्रचार के सहकारिता आंदोलन की मजबूत नींव रखी, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण ‘अमूल’ है। अमूल के माध्यम से आज 36 लाख महिलाएं ₹80,000 करोड़ का व्यवसाय कर रही हैं।
शाह ने कहा कि आने वाले समय में दुग्ध सहकारी संस्थाओं में गोबर प्रबंधन, पशु आहार एवं स्वास्थ्य, और गोबर से आय बढ़ाने के उपायों पर बल दिया जाएगा। गोबर से जैविक खाद और गैस उत्पादन की योजना पर काम हो रहा है, जिससे गांवों के 500 में से कम से कम 400 परिवार सहकारिता से जुड़ सकें।
उन्होंने सहकारी संस्थाओं से त्रिभुवनदास पटेल जी का चित्र लगाने की अपील की, ताकि आम लोग इस प्रेरणादायी व्यक्तित्व को पहचान सकें। उन्होंने यह भी कहा कि सहकारिता क्षेत्र की यह मुहिम अब 19 राज्यों तक पहुंच चुकी है।
PACS और CSC के एकीकरण से ग्रामीण विकास
शाह ने बताया कि प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) को कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), माइक्रो एटीएम, हर घर नल, बैंक मित्र, और जन औषधि केंद्र जैसी 25 से अधिक सेवाओं से जोड़ा गया है। उन्होंने PACS को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और ग्रामीणों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि मक्का और दलहन उगाने वाले किसान एनसीसीएफ ऐप पर पंजीकरण कर लाभ उठा सकते हैं। यदि बाजार में समर्थन मूल्य से अधिक दाम मिलते हैं, तो किसान वहां भी फसल बेच सकते हैं।
प्राकृतिक खेती से स्वास्थ्य और उपज दोनों को लाभ
अमित शाह ने प्राकृतिक खेती को वैज्ञानिक तरीका बताते हुए कहा कि इससे भूमि, जल और मानव स्वास्थ्य तीनों को लाभ होता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं अपने खेतों में प्राकृतिक खेती अपनाई और डेढ़ गुना तक उत्पादन में वृद्धि देखी। उन्होंने कहा कि केंचुआ खाद प्राकृतिक उर्वरकों का सर्वोत्तम विकल्प है।
मंत्री ने जानकारी दी कि सहकारिता मंत्रालय ने प्राकृतिक खेती से उत्पादित अनाज की खरीद के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्था और निर्यात हेतु सहकारी संस्था का गठन किया है, जिससे मुनाफा सीधे किसानों के बैंक खाते में पहुंच सके।
ऊंटनी के दूध में औषधीय गुण: नई योजना जल्द
उन्होंने बताया कि गुजरात और राजस्थान सरकारें ऊंटनी के दूध के औषधीय गुणों पर अनुसंधान कर रही हैं। इसके आधार पर एक नई योजना लाने की तैयारी है, जिससे ऊंट पालकों को अधिक मूल्य मिल सके और साथ ही ऊंट नस्ल संरक्षण को भी बल मिलेगा।
सहकारिता मंत्रालय: देश के गरीबों, किसानों और गांवों का मंत्रालय
शाह ने कहा, “मैं गृह मंत्री जरूर हूं, लेकिन जब मुझे सहकारिता मंत्रालय सौंपा गया, तो मैंने महसूस किया कि यह मंत्रालय देश के गांव, गरीब, किसान और पशुपालकों के लिए कहीं अधिक बड़ा है।” उन्होंने बताया कि आगे 10 राज्यों में चौपालों का आयोजन कर जन सुझावों के आधार पर नीतियां बनाई जाएंगी।
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