सहकार से समृद्धि: मंथन 2026 में NDDB का विजन!

मंथन बैठक 2026 में NDDB का दमदार प्रदर्शन, अमित शाह ने सराहा सहकारिता मॉडल!

गांधीनगर, गुजरात। डॉ. मीनश सी. शाह, अध्यक्ष, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) ने ‘मंथन बैठक 2026’ के दौरान सहकारिता क्षेत्र में नवाचार और डेयरी विकास से जुड़ी अपनी प्रमुख पहलों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। यह उच्च स्तरीय बैठक सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा महात्मा मंदिर, गांधीनगर में आयोजित की गई।

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कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, गुजरात विधानसभा अध्यक्ष एवं बनास डेयरी के अध्यक्ष शंकर चौधरी, सहकारिता मंत्रालय के राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर और मुरलीधर मोहोल, तथा गुजरात सरकार के मंत्री जितु वाघानी सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

🐄 डेयरी सहकारिता को नई दिशा

डॉ. शाह ने बताया कि NDDB देशभर में डेयरी सहकारी समितियों को सशक्त बनाने, आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने, वैल्यू चेन में सततता (Sustainability) सुनिश्चित करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कार्य कर रहा है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सहकारिता मॉडल के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, महिला दुग्ध उत्पादकों को सशक्त बनाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

🏢 बहु-राज्य सहकारी संस्थाओं का विस्तार

प्रदर्शनी में NDDB समर्थित बहु-राज्य सहकारी संस्थाओं की उपलब्धियों को भी दर्शाया गया, जिनमें नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड, भारतीय बीज सहकारी समिति, भारत टैक्सी सहकारी संस्था शामिल हैं।

दिसंबर 2025 में पंजीकृत नई संस्थाओं— गोमय कोऑपरेटिव सोसायटी मल्टी-स्टेट लिमिटेड, कोऑपरेटिव इनपुट्स एंड सर्विसेज डिलीवरी मल्टी-स्टेट लिमिटेड और कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स ऑर्गनाइजेशन मल्टी-स्टेट लिमिटेड— ने सहकारिता के दायरे को और व्यापक किया है।

वहीं, भारतीय पशु सह-उत्पाद मल्टी-स्टेट लिमिटेड का पंजीकरण प्रक्रियाधीन है, जो डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में मूल्य संवर्धन को नई गति देगा।

📈 क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?

  • सहकारिता क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर नीति समर्थन का संकेत

  • डेयरी वैल्यू चेन में डिजिटल और टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन

  • किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में ठोस कदम

  • जैविक उत्पादों और सह-उत्पादों के माध्यम से निर्यात संभावनाओं में वृद्धि

  • महिला और छोटे दुग्ध उत्पादकों के लिए संस्थागत सशक्तिकरण

विशेषज्ञों के अनुसार, ‘मंथन’ बैठक 2026 में एनडीडीबी की भागीदारी ने स्पष्ट किया कि सहकारिता मॉडल के माध्यम से डेयरी क्षेत्र में नवाचार, मूल्य संवर्धन और किसानों की आय वृद्धि को प्राथमिकता दी जा रही है। यह पहल ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

चित्र: सौजन्य सोशल मीडिया NDDB