पोषण से सशक्त महिला: पोकरण में किचन गार्डन प्रशिक्षण से स्वास्थ्य और आय बढ़ाने की पहल !!
पोकरण (जैसलमेर): ग्रामीण महिलाओं के स्वास्थ्य सुधार और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पोकरण ब्लॉक में एक महत्वपूर्ण जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र पोकरण और भावी निर्माण सोसाइटी चाकसू के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चांदनी एवं प्रतापगढ़ में आयोजित हुआ।
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इस पहल के तहत महिलाओं को पोषण, महिला स्वास्थ्य, पशुपालन, बचत और जीवन बीमा जैसे अहम विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई। कार्यक्रम में आसपास के गांवों की महिलाओं और बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता का सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
किचन गार्डन से पोषण सुरक्षा का संदेश !! 
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कृषि वैज्ञानिक डॉ. दशरथ प्रसाद ने किचन गार्डन (पोषण वाटिका) को बेहतर पोषण का सरल, सस्ता और टिकाऊ उपाय बताया। उन्होंने कहा कि सीमित पानी और कम लागत में उगाई गई ताजी सब्जियां न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं, बल्कि परिवार की पोषण आवश्यकताओं को भी पूरा करती हैं। उन्होंने महिलाओं को बीज रोपण, पौध तैयार करने और मौसमी सब्जियों की वैज्ञानिक खेती के आसान तरीकों का प्रशिक्षण भी दिया, जिससे महिलाएं अपने घर पर ही पोषण वाटिका विकसित कर सकें।
पशुपालन से बढ़ेगी आय, जैविक खेती को बढ़ावा !!
पशु चिकित्सक डॉ. रामनिवास ने पशुपालन को ग्रामीण आय का मजबूत आधार बताते हुए बकरी और मुर्गी पालन की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पशुओं में होने वाली सामान्य बीमारियों, उनके बचाव और उपचार के उपायों पर भी प्रकाश डाला। साथ ही गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद एवं कीटनाशक तैयार करने की विधि समझाते हुए रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग की सलाह दी, जिससे लागत में कमी और पर्यावरण संरक्षण दोनों संभव हो सके। 
महिलाओं को मिला बीज किट का लाभ !!
कार्यक्रम के दौरान 100 चयनित महिलाओं को 10 प्रकार की सब्जियों के बीज वाली नि:शुल्क किट वितरित की गई, जिससे वे अपने घरों में पोषण वाटिका शुरू कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
1100 महिलाओं तक पहुंचा अभियान !!
संस्था के सचिव गिरिराज शर्मा ने बताया कि इस जागरूकता अभियान के माध्यम से अब तक 1100 से अधिक महिलाओं को लाभान्वित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और आय में सुधार लाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विद्यालय स्टाफ की सक्रिय उपस्थिति रही, जिससे आयोजन को व्यापक समर्थन मिला।
सारांश..
यह पहल न केवल महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रही है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। किचन गार्डन और पशुपालन जैसे उपाय ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।