ICRISAT में ITEC प्रशिक्षण का आगाज़, 22 देशों से महिला-युवा शामिल

ICRISAT में ITEC प्रशिक्षण का आगाज़, 22 देशों से महिला-युवा शामिल!!

हैदराबाद।
अंतरराष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (ICRISAT) ने आज भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) के अंतर्गत कृषि-उद्यमिता पर आधारित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह दो सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला एवं युवा उद्यमियों के लिए लघु स्तर के खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है, जिसे भारत सरकार के विदेश मंत्रालय का सहयोग प्राप्त है।

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19 से 30 जनवरी 2026 तक चलेगा प्रशिक्षण..

यह अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 19 से 30 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें 22 देशों से आए कुल 35 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें महिलाएं और युवा प्रमुख रूप से शामिल हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर कृषि-आधारित उद्यमिता को मजबूत करना और प्रतिभागियों को व्यावहारिक व्यावसायिक कौशल से लैस करना है।

उद्यमिता कौशल विकास पर विशेष फोकस..

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को लघु खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, संचालन और प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मॉड्यूल्स पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें व्यवसाय योजना, मूल्य संवर्धन, विपणन रणनीतियां, वित्तीय प्रबंधन और नवाचार आधारित उद्यम मॉडल पर विशेष जोर दिया जाएगा।

महिला और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल..

आईसीआरआईएसएटी द्वारा संचालित यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण और युवा रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को सूक्ष्म उद्यमों, सामुदायिक समूहों और सहकारी संस्थाओं के जरिए सतत व्यवसाय विकास के अवसरों से अवगत कराया जाएगा।

मूल्य संवर्धन और टिकाऊ विकास को मिलेगा बढ़ावा..

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन (Value Addition) को प्रोत्साहित करना तथा स्थायी और लाभकारी खाद्य प्रसंस्करण व्यवसाय विकसित करना है। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृषि उद्यमिता के नए आयाम भी स्थापित होंगे।
आईसीआरआईएसएटी और विदेश मंत्रालय की यह संयुक्त पहल वैश्विक सहयोग, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सार्थक कदम मानी जा रही है।