उर्वरक आपूर्ति पर सरकार सख्त, पटना में कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक:

पटना में उर्वरक कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक, किसानों के हित सर्वोपरि !!

पटना। राज्य में किसानों को समय पर, उचित मूल्य पर और गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पटना में उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने की। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव, कृषि विभाग के प्रधान सचिव, निदेशक कृषि सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कृत्रिम कमी और कालाबाज़ारी पर सख्त चेतावनी !

बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उर्वरकों की कृत्रिम कमी, कालाबाज़ारी, एमआरपी से अधिक मूल्य पर बिक्री तथा उर्वरकों के साथ अन्य सामग्रियों की जबरन टैगिंग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले थोक व खुदरा विक्रेताओं तथा संबंधित कंपनियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उर्वरकों की उपलब्धता और भंडारण की समीक्षा !

बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों ने उर्वरकों की वर्तमान उपलब्धता, भंडारण क्षमता, जिलावार मांग और आपूर्ति की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुति दी। अधिकारियों ने बताया कि रबी फसलों और आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा में अग्रिम व्यवस्था की जा रही है, ताकि बुवाई के समय किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

डिजिटल निगरानी और रियल-टाइम स्टॉक पर जोर !

उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल निगरानी प्रणाली, रियल-टाइम स्टॉक अपडेट और ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया, ताकि किसी भी अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

किसान हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता !

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि किसानों को सही समय पर, सही मूल्य पर और गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि किसान हितों से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार पूरी गंभीरता के साथ इस पर निगरानी रखेगी।
नियमों के पालन के निर्देश
बैठक के अंत में उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों को राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने, समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने और किसानों के विश्वास को बनाए रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि जिला स्तर पर निगरानी को और अधिक मजबूत किया जाएगा, जिससे उर्वरक वितरण प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और किसान-हितैषी बन सके।

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