पूर्णिया से GI टैग प्राप्त मिथिला मखाना का दुबई को पहला समुद्री निर्यात, बिहार के कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि!
पूर्णिया। बिहार के कृषि इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। पहली बार GI टैग प्राप्त मिथिला मखाना का समुद्री मार्ग से दुबई निर्यात सफलतापूर्वक किया गया है। यह उपलब्धि न केवल राज्य के पारंपरिक कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने वाली है, बल्कि मखाना उत्पादक किसानों की वर्षों की मेहनत को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाने की दिशा में भी मील का पत्थर मानी जा रही है।
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■ पूर्णिया से दुबई तक दो टन मखाना का निर्यात
पूर्णिया जिले से दो टन GI टैग प्राप्त मिथिला मखाना दुबई के लिए रवाना किया गया। यह निर्यात वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार, बिहार सरकार तथा कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), पटना के सहयोग से संपन्न हुआ। यह बिहार से पहली बार हुआ समुद्री मार्ग से मखाना निर्यात है, जिसने राज्य के कृषि निर्यात को नई दिशा दी है।
■ GI टैग से प्रमाणित मिथिला मखाना की विशिष्ट पहचान
मिथिला मखाना बिहार के मिथिला क्षेत्र का पारंपरिक, पौष्टिक और उच्च गुणवत्ता वाला कृषि उत्पाद है, जिसे भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त है। GI टैग इस उत्पाद की विशिष्ट भौगोलिक पहचान, पारंपरिक उत्पादन पद्धति और गुणवत्तापूर्ण विशेषताओं को प्रमाणित करता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग और विश्वसनीयता बढ़ी है।
■ अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरा बिहार
समुद्री मार्ग से मखाना के सफल निर्यात ने यह सिद्ध कर दिया है कि बिहार अब अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, आधुनिक पैकेजिंग, ट्रेसबिलिटी प्रणाली और ग्लोबल लॉजिस्टिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो चुका है। इससे राज्य के कृषि निर्यात ढांचे की मजबूती और भविष्य की संभावनाओं का भी संकेत मिलता है।
■ वर्चुअल फ्लैग-ऑफ समारोह में मंत्री का संदेश
इस अवसर पर कृषि मंत्री रामकृपाल यादव की अध्यक्षता में एक वर्चुअल फ्लैग-ऑफ समारोह का आयोजन किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि GI टैग प्राप्त कृषि उत्पादों का निर्यात किसानों की आय बढ़ाने और बिहार की वैश्विक पहचान मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
■ किसानों, FPOs और उद्यमियों को मिलेगा नया बाजार
कृषि मंत्री ने कहा कि मखाना निर्यात से इससे जुड़े किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), स्वयं सहायता समूहों और कृषि उद्यमियों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी। इससे कृषि मूल्य शृंखला मजबूत होगी और किसानों को उनके उत्पाद का उचित और लाभकारी मूल्य प्राप्त होगा।
■ अन्य GI टैग उत्पादों के निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
उन्होंने कहा कि यह पहल भविष्य में बिहार से अन्य GI टैग और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के निर्यात को भी प्रोत्साहित करेगी। इससे राज्य में कृषि आधारित उद्योगों का विकास होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
■ एपीडा का निरंतर सहयोग और तकनीकी सहायता
एपीडा ने बिहार के कृषि निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करने के लिए निरंतर सहयोग एवं तकनीकी सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। किसानों और FPOs को गुणवत्ता मानकों, पैकेजिंग, प्रमाणन और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ाव के लिए विशेष मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
■ किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
कृषि मंत्री ने इस उपलब्धि को बिहार के किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच से मखाना उत्पादक किसानों की आय में स्थायी वृद्धि होगी और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
■ समारोह में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, विशेष सचिव डॉ. बीरेंद्र प्रसाद यादव, एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव, विशेष सचिव सह निदेशक (कृषि विपणन) शैलेन्द्र कुमार, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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