गन्ना किसानों के लिए बड़ी खबर, यूपी सरकार ने किया रिकॉर्ड भुगतान!

यूपी सरकार ने किया 3.15 लाख करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान, 48 लाख किसानों को मिली बड़ी राहत

लखनऊ, 12 मार्च 2026। प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए अब तक 3,15,753 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित कर नया रिकॉर्ड बनाया है। इस ऐतिहासिक भुगतान से प्रदेश के करीब 48 लाख गन्ना किसानों को बड़ी राहत मिली है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

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गन्ना आयुक्त श्रीमती मिनिस्ती एस. ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की सख्त निगरानी और नियमित समीक्षा के चलते चीनी मिलों द्वारा भुगतान प्रक्रिया में तेजी आई है। वर्तमान पेराई सत्र में अधिकांश चीनी मिलें किसानों को समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। साथ ही भुगतान व्यवस्था को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम भी लागू किया गया है।

उन्होंने बताया कि किसानों को गन्ना पर्ची, सर्वे और भुगतान से जुड़ी जानकारी एसएमएस और विभागीय पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। समय पर भुगतान मिलने से लाखों गन्ना किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है और खेती के प्रति उनका भरोसा भी बढ़ा है।

गन्ना आयुक्त के अनुसार प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में गन्ना किसान सबसे ऊपर हैं। वर्ष 2017 से अब तक किसानों को सबसे अधिक धनराशि का भुगतान कराया गया है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

गन्ना मूल्य में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। इसके तहत

अगैती प्रजाति: 400 रुपये प्रति क्विंटल

सामान्य प्रजाति: 390 रुपये प्रति क्विंटल

इस वृद्धि से गन्ना किसानों को लगभग 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने का अनुमान है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य तक पहुंचाने में गन्ना क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

गन्ना खेती में तकनीकी क्रांति की पहल

प्रदेश में गन्ना  पैदावार को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए तकनीकी स्तर पर भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्नत बीज उत्पादन बढ़ाने के लिए हाल ही में एनएसआई कानपुर और गन्ना शोध परिषद के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इससे अभिजनक बीज की उपलब्धता में लगभग 12 हजार क्विंटल की वृद्धि होगी, जिसका लाभ विशेष रूप से मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों को मिलेगा।

इसके अलावा उन्नत और रोगमुक्त गन्ना पौध तैयार करने के लिए उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद और बलरामपुर चीनी मिल की हैदरगढ़ इकाई के बीच भी समझौता किया गया है। इस पहल के तहत टिश्यू कल्चर तकनीक के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले गन्ना पौधों का उत्पादन किया जाएगा, जिससे कम समय में अधिक क्षेत्र में उन्नत किस्मों की खेती संभव हो सकेगी।

सरकार का मानना है कि इन तकनीकी और नीतिगत सुधारों से गन्ना किसानों की आय बढ़ेगी और प्रदेश का गन्ना क्षेत्र और अधिक सशक्त बनेगा।