डॉ.अनुपमा सिंह को मिला SAHIT वूमन अचीवर अवॉर्ड 2025 !!

आईसीएआर-आईएआरआई की डीन डॉ. अनुपमा सिंह को ‘साहित वूमन अचीवर अवॉर्ड 2025’ से सम्मानित !!

नई दिल्ली, संवाददाता -भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-IARI) की संयुक्त निदेशक (शिक्षा) एवं डीन डॉ. अनुपमा सिंह को वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित ‘SAHIT वूमन अचीवर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें मानव संसाधन विकास, नेतृत्व क्षमता और समावेशी कार्यस्थल को बढ़ावा देने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।

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सम्मान समारोह में मिला पुरस्कार !!

यह पुरस्कार नई दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में आयोजित एक विशेष सम्मान समारोह के दौरान प्रदान किया गया। यह कार्यक्रम ‘विकसित भारत 2047: भारत की विकास गाथा में महिलाओं की भूमिका’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र का हिस्सा था।

महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की पहल !!

SAHIT एक उभरता हुआ राष्ट्रीय मंच है, जो भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, मिरांडा हाउस (दिल्ली विश्वविद्यालय), साइबरपीस फाउंडेशन और ASSOCHAM जैसे संस्थानों के सहयोग से संचालित हो रहा है। इस मंच का उद्देश्य सरकार, शिक्षा, उद्योग और समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ लाकर महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को सशक्त बनाना है।

सम्मेलन के प्रमुख मुद्दे !!

सम्मेलन में महिला कार्यबल की भागीदारी बढ़ाने, महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाली महिला नेताओं को सम्मानित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान ‘SAHIT Women in Workforce Report’ भी जारी की गई, जिसमें महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नए रास्तों को रेखांकित किया गया।

कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान !!

डॉ. अनुपमा सिंह कृषि रसायन विज्ञान की एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक हैं। उन्होंने हाइड्रोजेल आधारित तकनीकों, नैनो-फॉर्मुलेशन और टिकाऊ कृषि रसायनों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका शोध विशेष रूप से जल उपयोग दक्षता बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में सहायक रहा है।

युवा महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर !!

अपने संबोधन में डॉ. सिंह ने कहा कि ग्रामीण भारत की युवा महिलाएं देश के लिए ‘छिपी हुई शक्ति’ हैं। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए कौशल विकास और विभिन्न क्षेत्रों के बीच सहयोग को जरूरी बताया, ताकि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

कृषि शिक्षा और शोध में अहम भूमिका !!

डॉ. सिंह ने ICAR-IARI में शिक्षा और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कई युवा कृषि वैज्ञानिकों को मार्गदर्शन दिया है और देश में कृषि शिक्षा को नई दिशा दी है। उन्हें राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी की फेलोशिप सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिल चुके हैं।

सारांश !!

डॉ. अनुपमा सिंह को मिला यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत योगदान का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि महिलाएं आज कृषि और विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं और विकसित भारत के निर्माण में अहम योगदान दे रही हैं।