आहार-2026: जहां खरीदार बनते हैं उद्यमी और कारोबार को मिलती नई उड़ान!

भारत मंडपम में ‘आहार-2026’ का आयोजन, खाद्य और आतिथ्य उद्योग के लिए बना ग्लोबल मंच !!

नई दिल्ली। राजधानी में आयोजित आहार – अंतर्राष्ट्रीय खाद्य एवं आतिथ्य मेला के 40वें संस्करण ने एक बार फिर खाद्य और आतिथ्य उद्योग को एक बड़े वैश्विक मंच पर एकजुट किया। 10 से 14 मार्च 2026 तक भारत मंडपम में आयोजित इस मेले में ताज़ी कॉफी की सुगंध, व्यावसायिक चर्चाओं और अभिनव खाद्य प्रदर्शनों ने पूरे परिसर को जीवंत बना दिया। यह आयोजन खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय और भारत व्यापार संवर्धन संगठन के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। आहार आज दक्षिण एशिया के खाद्य और आतिथ्य क्षेत्र के लिए सबसे प्रमुख बी2बी प्लेटफॉर्म में से एक बन चुका है, जहां उद्योग से जुड़े व्यवसाय, होटल, रेस्तरां, आयातक, वितरक और आपूर्तिकर्ता एक ही मंच पर आते हैं।

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व्यापारिक साझेदारी का मजबूत मंच !!

आहार मेले की खासियत केवल इसकी विशाल भागीदारी ही नहीं, बल्कि यह भी है कि यहां होने वाली बातचीत अक्सर दीर्घकालिक व्यापारिक साझेदारी में बदल जाती है। वर्षों से देखा गया है कि कई उद्यमी जो पहले केवल खरीदार या आगंतुक के रूप में मेले में आते थे, अब अपने ब्रांड के साथ प्रदर्शक बनकर लौट रहे हैं।

यह प्रवृत्ति इस बात का संकेत है कि मेले में लगातार भागीदारी से व्यावसायिक समझ, बाज़ार संपर्क और उद्यमिता के अवसर तेजी से विकसित होते हैं।

केरल मंडप में क्षेत्रीय उत्पादों की चमक !!

इस बार मेले में राज्यों के मंडप भी आकर्षण का केंद्र रहे। विशेष रूप से केरल मंडप ने क्षेत्रीय उत्पादों की वैश्विक संभावनाओं को प्रदर्शित किया।

केरल के कालीकट में 1940 में स्थापित कंपनी RG Foods ने अपने विविध उत्पादों के साथ आगंतुकों का ध्यान खींचा। कंपनी खाद्य तेलों (जिंजेली, सरसों और नारियल तेल), चावल की किस्मों, स्नैक पाउडर और पारंपरिक केरल व्यंजनों के लिए जानी जाती है।

मेले में कंपनी ने केले के चिप्स, मसालेदार नमकीन, मुरुक्कू और अन्य पारंपरिक स्नैक्स का प्रदर्शन किया !!

कंपनी के प्रतिनिधि श्री स्वागत के अनुसार, आहार में भागीदारी के माध्यम से कंपनी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ने का अवसर मिला है। आज उनके उत्पाद यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कतर सहित 31 से अधिक देशों में उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी केरल में लगभग 1.5 लाख खुदरा दुकानों तक पहुंचती है, जिसे 450 से अधिक वितरकों का नेटवर्क सहयोग देता है।

खरीदार से प्रदर्शक बने उद्यमी !!

मेले में कई प्रेरक उद्यमिता कहानियां भी सामने आईं। गुजरात के अहमदाबाद निवासी ध्यान मेहता की कंपनी टीजीआर फूड्स बेकरी और डेयरी उद्योग के लिए केक व ब्रेड मिक्स तैयार करती है। मेहता करीब 10 वर्षों तक आहार में ग्राहक के रूप में शामिल होते रहे, जहां उन्होंने आपूर्तिकर्ताओं से संपर्क बनाया और उद्योग के रुझानों को समझा। इस वर्ष उन्होंने पहली बार प्रदर्शक के रूप में अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया, जो उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हुई।

पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग की पहल !!

इसी तरह सोबरप्रीत सिंह द्वारा स्थापित कंपनी पैकमोल्ड भी मेले में चर्चा का विषय रही। यह कंपनी गर्म और ठंडे पेय के लिए कप बनाती है और विशेष रूप से छोटे व उभरते पेय ब्रांडों की पैकेजिंग जरूरतों को पूरा करती है। कंपनी पारंपरिक प्लास्टिक कोटिंग के बजाय एक्वा कोटिंग तकनीक का उपयोग करती है, जो पर्यावरण के लिए अधिक सुरक्षित मानी जाती है। शुरुआत के केवल छह महीनों में ही कंपनी को रिलायंस रिटेल के वाइल्ड बीन कैफे, अदानी एयरपोर्ट्स और तेजी से बढ़ते ब्रांड स्ले कॉफी जैसे ग्राहकों से ऑर्डर मिल चुके हैं।

बड़े ब्रांडों की दमदार मौजूदगी !!

प्रदर्शनी में कई वैश्विक और भारतीय ब्रांडों ने भी अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। इनमें नेस्कैफ़े, बैरी कैलेबॉट, गो चीज़, मोर्डे, हल्दीराम, क्रेमिका और एमटीआर फूड्स जैसे प्रमुख नाम शामिल रहे। विशेष रूप से बैरी कैलेबॉटके स्टॉल पर चॉकलेटियर शेफ घोष ने लाइव चॉकलेट आर्ट और रचनात्मक डिजाइन का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में आगंतुक और होटल प्रबंधन संस्थानों के छात्र पहुंचे।

छात्रों के लिए सीखने का अवसर !!

आहार केवल व्यापारिक मंच ही नहीं, बल्कि भविष्य के शेफ और आतिथ्य पेशेवरों के लिए सीखने का केंद्र भी बन चुका है। यहां छात्रों को उद्योग विशेषज्ञों, शेफ और ब्रांड प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत करने का मौका मिला। सामग्री, उपकरण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और वितरण जैसी प्रक्रियाओं को समझकर उन्हें उद्योग की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।

उद्योग के लिए बढ़ती प्रासंगिकता !!

अपने 40वें संस्करण में आहार ने यह साबित कर दिया है कि यह केवल एक प्रदर्शनी नहीं बल्कि खाद्य और आतिथ्य उद्योग के विकास का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। कुछ कंपनियों के लिए यह नए वितरकों से जुड़ने का अवसर है, तो कई उद्यमियों के लिए यह नए बाजारों के द्वार खोलने वाला मंच साबित हो रहा है। यही कारण है कि जो लोग कभी मेले में आगंतुक बनकर आए थे, वे आज सफल उद्यमी और प्रदर्शक के रूप में यहां लौट रहे हैं।

संदर्भ: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय