बिहार में मखाना की वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा, निर्यात और बीज पैदावार पर बनी रणनीति
पटना। – बिहार में मखाना पैदावार को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के उद्देश्य से कृषि विभाग, बिहार और राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के बीच समन्वय को और सुदृढ़ करने की दिशा में अहम पहल की गई है। प्रधान सचिव, कृषि विभाग नर्मदेश्वर लाल की अध्यक्षता में कृषि भवन, पटना में आयोजित बैठक में मखाना की वैज्ञानिक खेती, मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के विकास, गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन तथा निर्यात संवर्धन को लेकर व्यापक रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
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वैज्ञानिक खेती और SOP पर फोकस
बैठक में मखाना उपज को वैज्ञानिक आधार देने, SOP आधारित खेती को बढ़ावा देने और फील्ड लेवल डिमॉन्स्ट्रेशन (FLD) के माध्यम से किसानों तक नवीन तकनीकों के प्रसार पर सहमति बनी। डिजिटल मैपिंग के जरिए मखाना क्षेत्र की पहचान और निगरानी को भी मजबूत करने का निर्णय लिया गया।
GI टैग के बाद मूल्य संवर्धन की रणनीति
GI टैग प्राप्त होने के बाद मखाना के मूल्य संवर्धन, गुणवत्ता सुधार और जैविक प्रमाणीकरण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। साथ ही APEDA के सहयोग से मखाना निर्यात को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सुनिश्चित करने की रणनीति पर चर्चा हुई।
बीज उत्पादन और विस्तार कार्यक्रम
पूर्णिया और दरभंगा क्षेत्रों में मखाना बीज उत्पादन एवं विस्तार कार्यक्रमों को गति देने, बीज गुणवत्ता मानकों को सुदृढ़ करने तथा प्रमाणित बीजों की उपलब्धता बढ़ाने पर सहमति बनी।
किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर
बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), फसल बीमा, गुणवत्तापूर्ण बीज और SOP आधारित कार्यान्वयन के माध्यम से मखाना किसानों की आय बढ़ाने को प्रमुख लक्ष्य बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि इन पहल से बिहार को मखाना उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।
चित्र: सौजन्य सोशल मीडिया
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