AWBI और NALSAR ने देश में पशु कल्याण को सशक्त बनाने के लिए समझौता किया

“पशु कल्याण पखवाड़ा 2025: AWBI की नई पहल”

भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (AWBI) और एनएएलएसएआर यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद के बीच हुआ यह समझौता ज्ञापन (MoU) भारत में पशु कल्याण के कानूनी ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल के तहत, मानद पशु कल्याण प्रतिनिधियों (HAWR) को पेशेवर कानूनी प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो उन्हें पशु कल्याण कानूनों, प्रक्रियाओं और जांच तकनीकों में निपुण बनाएगा।

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मुख्य बिंदु..

  1. प्रशिक्षण की संरचना:
    • प्रति सत्र अधिकतम 25 प्रतिभागी।
    • न्यूनतम 3 दिनों की अवधि।
    • प्रशिक्षण के बाद मूल्यांकन के आधार पर HAWR प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।
  2. प्रशिक्षण सामग्री:
    • बौद्धिक संपदा अधिकार एनएएलएसएआर के पास रहेंगे।
    • AWBI को प्रशिक्षण के लिए विशेष उपयोग अधिकार दिए जाएंगे।
  3. पशु कल्याण पखवाड़ा:
    • 14 से 30 जनवरी, 2025 तक आयोजित।
    • इसमें पृथ्वी पर जीवन की विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र में पशुओं की भूमिका पर जागरूकता बढ़ाने वाली गतिविधियाँ शामिल होंगी।
  4. मानद पशु कल्याण प्रतिनिधियों (HAWR) की भूमिका:
    • जानवरों की पीड़ा को कम करना।
    • प्राथमिक उपचार और शिक्षा प्रदान करना।
    • क्रूरता के मामलों को संबोधित करना और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर आश्रय स्थल बनाना।
  5. एडब्ल्यूबीआई का उद्देश्य:
    • पशु क्रूरता निवारण (PCA) अधिनियम, 1960 के तहत पशु कल्याण को बढ़ावा देना।
    • जानवरों को परिवहन, प्रयोग, प्रदर्शन और मालिकों द्वारा दुर्व्यवहार से बचाना।

साझेदारी का महत्व..

AWBI और NALSAR की यह पहल भारत में पशु अधिकारों और कल्याण को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगी। यह न केवल कानून लागू करने वालों और नागरिक समाज के सदस्यों को प्रशिक्षित करेगा, बल्कि जागरूकता बढ़ाने और  पशुओं के देखभाल की संस्कृति को भी प्रोत्साहित करेगा।

यह कदम भारत में करुणा आधारित पशु कल्याण संस्कृति को मजबूत करने के लिए एक प्रेरणादायक पहल है।