GULF FOOD 2026: भारत की धाक, कंट्री पार्टनर बनकर रचा इतिहास!

Food Basket बनने की ओर भारत का बढ़ते कदम!

गल्फूड 2026 में भारत की ऐतिहासिक भागीदारी, कंट्री पार्टनर के रूप में सबसे सशक्त ग्लोबल उपस्थिति

India Makes Strong Impact at Gulfood 2026 as Country Partner

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Dubai: India has emerged as the largest participating country at Gulfood 2026, the world’s biggest annual food and beverage trade exhibition, by taking on the role of Country Partner. With over 600 Indian companies showcasing products across food grains, processed foods, beverages, agri-technology and fresh produce, India’s presence highlights its growing leadership in the global agri-food sector.

The APEDA Pavilion, inaugurated at Dubai Expo City, features a wide range of Indian products including basmati rice, GI-tagged rice varieties, millets, spices, tea, organic products and fresh fruits and vegetables. A special culinary zone showcases traditional Indian dishes prepared from GI-certified rice varieties.

दुबई। विश्व की सबसे बड़ी वार्षिक खाद्य एवं पेय व्यापार प्रदर्शनी गल्फूड 2026 में भारत ने कंट्री पार्टनर के रूप में ऐतिहासिक और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। प्रदर्शकों की संख्या और कुल प्रदर्शनी क्षेत्र—दोनों दृष्टियों से—भारत इस वैश्विक मंच पर सभी सहभागी देशों में सबसे आगे रहा है। यह उपलब्धि वैश्विक कृषि-खाद्य, प्रसंस्कृत खाद्य और कृषि-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारत के बढ़ते नेतृत्व और विश्वसनीयता को रेखांकित करती है।

500 से अधिक भारतीय कंपनियों की सहभागिता

गल्फूड 2026 में 500 से अधिक भारतीय कंपनियां भाग ले रही हैं, जबकि कुल मिलाकर 600 से अधिक भारतीय कंपनियों ने विभिन्न श्रेणियों में अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया है। इनमें मुख्य खाद्य पदार्थ, ताजे फल एवं सब्जियां, प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद, पेय पदार्थ, कृषि-प्रौद्योगिकी और खाद्य प्रसंस्करण शामिल हैं। प्रदर्शकों की संख्या और प्रदर्शनी क्षेत्रफल के लिहाज से भारत इस वर्ष गल्फूड का सबसे बड़ा सहभागी देश बनकर उभरा है।

भारतीय कृषि-खाद्य उत्पादों की व्यापक श्रृंखला प्रदर्शित

गल्फूड 2026 में भारत से प्रदर्शित किए जा रहे प्रमुख उत्पादों में बासमती चावल, 10 से अधिक भारतीय जीआई-टैग वाली चावल की किस्में, बाजरा, मूंगफली, चाय, मसाले, हल्दी, जैविक उत्पाद, प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री तथा ताजे फल एवं सब्जियां शामिल हैं। यह प्रस्तुति भारत की कृषि विविधता, गुणवत्ता और वैश्विक मांग को पूरा करने की क्षमता को दर्शाती है।

भारतीय पवेलियन का उद्घाटन, वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव ए. पी. दास जोशी ने दुबई एक्सपो सिटी में स्थित एपीईडीए पवेलियन में भारतीय पवेलियन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल, एपीईडीए के अध्यक्ष अभिषेक देव, आईटीपीओ के प्रबंध निदेशक डॉ. नीरज खरवाल सहित भारत सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में भारतीय प्रदर्शक उपस्थित रहे।

यूएई: भारत के कृषि निर्यात का प्रमुख प्रवेश द्वार

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) एपीईडीए के अधिसूचित उत्पादों का सबसे बड़ा बाजार है और खाड़ी क्षेत्र का प्रमुख प्रवेश द्वार माना जाता है। भारत के कृषि निर्यात में यूएई की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के लागू होने के बाद द्विपक्षीय व्यापार, विशेषकर खाद्य प्रसंस्करण और कृषि निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

एपीईडीए की मजबूत भागीदारी, 1,500 वर्ग मीटर में भारतीय उत्पाद

एपीईडीए ने गल्फूड 2026 के विभिन्न पवेलियनों—दालें, अनाज, विश्व खाद्य, पेय पदार्थ और गल्फूड ग्रीन—में लगभग 1,500 वर्ग मीटर का प्रदर्शनी क्षेत्र लिया है। यहां 170 से अधिक प्रदर्शक अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें चाय बोर्ड, मसाला बोर्ड, हल्दी बोर्ड, राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, कैम्पको, एनसीईएल, एनएएफईडी के साथ-साथ मेघालय सरकार, मार्कफेड पंजाब, सिक्किम-आईएफएफसीओ, कॉमफेड (बिहार), बिहार कृषि विभाग और उत्तराखंड बागवानी बोर्ड जैसी राज्य संस्थाएं भी शामिल हैं।

भारतीय जीआई-टैग चावल बने प्रमुख आकर्षण

गल्फूड 2026 का एक प्रमुख आकर्षण एपीईडीए पवेलियन में स्थापित भारतीय भोजन चखने और पकवान कला क्षेत्र है, जिसे प्रसिद्ध शेफ  हरपाल सिंह सोखी ने डिजाइन किया है। इस क्षेत्र में 10 भारतीय जीआई-टैग वाली चावल की किस्मों से तैयार व्यंजन प्रस्तुत किए जा रहे हैं। इनमें उत्तर प्रदेश का काला नमक, असम का जोहा, छत्तीसगढ़ का नागरी दुबराज, ओडिशा का जीराफूल, महाराष्ट्र का अम्बेमोहर, पश्चिम बंगाल का गोविंद भोग, जम्मू-कश्मीर का मुश्कबुजी, बिहार का कटारनी, मणिपुर का चक हाओ काला चावल और असम का बोका चौल शामिल हैं। इसके अलावा अखिल भारतीय चावल निर्यातक संघ द्वारा प्रस्तुत बिरयानी भी दर्शकों को आकर्षित कर रही है।

भारती पहल के तहत स्टार्टअप्स का नवाचार प्रदर्शन

गल्फूड 2026 में भारत की भागीदारी का एक महत्वपूर्ण पक्ष एपीईडीए की भारती पहल के तहत आठ भारतीय स्टार्टअप्स की सहभागिता है। ये स्टार्टअप्स कृषि-खाद्य और कृषि-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नवाचारी उत्पादों और तकनीकों का प्रदर्शन कर रहे हैं। उद्योग साझेदार LuLu Group और Allanasons के सहयोग से यह पहल स्टार्टअप्स की निर्यात क्षमताओं को मजबूत करने और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ने का कार्य कर रही है।

कंट्री पार्टनर के रूप में भारत को विशेष वैश्विक पहचान

कंट्री पार्टनर के रूप में भारत को गल्फूड 2026 में एकीकृत डिजाइन थीम के तहत प्रमुख ब्रांडिंग, समर्पित सम्मेलन सत्र और बेहतर B2B नेटवर्किंग के अवसर प्राप्त हुए हैं। इससे भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और निवेशकों से सीधे जुड़ने का मंच मिला है।

विश्व की खाद्य टोकरी बनने की दिशा में भारत का मजबूत कदम

गल्फूड 2026 में भारत की भागीदारी वैश्विक बाजारों में उच्च गुणवत्ता, सुरक्षित, टिकाऊ और नवोन्मेषी खाद्य उत्पादों की आपूर्ति के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। भारतीय पवेलियन ताजे और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, पेय पदार्थों, अनाज, बाजरा, स्वास्थ्य उत्पादों और निर्यात-सक्षम प्रौद्योगिकियों में भारत की मजबूत क्षमताओं को उजागर करता है। इससे न केवल व्यापार संबंधों को मजबूती मिलने की उम्मीद है, बल्कि भारत को एक विश्वसनीय वैश्विक खाद्य भागीदार और विश्व की खाद्य टोकरी के रूप में स्थापित करने के सरकार के दृष्टिकोण को भी बल मिलता है।

चित्र सौजन्य: सोशल मीडिया