19–21 जनवरी: पश्चिमी विक्षोभ बदलेगा मौसम का मिजाज

उत्तर-पश्चिम भारत में शीत लहर की आशंका नहीं, घना कोहरा बना रहेगा चुनौती

19 और 21 जनवरी को सक्रिय होंगे दो पश्चिमी विक्षोभ, पहाड़ी राज्यों में बारिश-बर्फबारी के आसार

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

🔹 अगले एक सप्ताह का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में शीत लहर की संभावना नहीं है। हालांकि, घने कोहरे और कम तापमान की स्थिति बनी रहने से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
वर्तमान पश्चिमी विक्षोभ 18 जनवरी तक पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को प्रभावित करता रहेगा। इसके बाद 19 और 21 जनवरी 2026 को उत्तर-पश्चिम भारत में दो नए पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना जताई गई है।

🔹 4–5 दिन तक उत्तर भारत में घना कोहरा

आने वाले 4 से 5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में घने कोहरे की प्रबल संभावना है। सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम रहने से सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है।

🔹 पिछले 24 घंटों की मौसम गतिविधि

पिछले 24 घंटों में पंजाब के अधिकांश हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा छाया रहा, जहां कई स्थानों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई।
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों, हरियाणा के कुछ क्षेत्रों तथा जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में भी घने कोहरे की स्थिति बनी रही।

दृश्यता (मीटर में ≤200):

  • पंजाब: अमृतसर (0), अंबाला (0), श्रीनगर (0), पटियाला (20), फरीदकोट (15)

  • हरियाणा: हिसार (40), करनाल (30)

  • पश्चिमी यूपी: आगरा, मुरादाबाद, अलीगढ़, बरेली, हिंडन सहित कई स्थानों पर दृश्यता शून्य या अत्यंत कम रही

🔹 शीत लहर और शीत दिवस की स्थिति

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर शीत लहर दर्ज की गई।

  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर शीत दिवस की स्थिति बनी रही।

🔹 तापमान की स्थिति

देश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया।

  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में कई जगह तापमान 0°C से नीचे रहा।

  • हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर राजस्थान में न्यूनतम तापमान 1 से 5°C के बीच रहा।

  • भारत के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.0°C नारनौल (हरियाणा) में दर्ज किया गया।

🔹 सक्रिय मौसम प्रणालियां

मौसम विभाग के अनुसार, अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम के प्रभाव से उत्तर भारत के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
19 और 21 जनवरी की रात से दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकते हैं।

🔹 बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान

  • 17 से 22 जनवरी: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी

  • 23 जनवरी: इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश व बर्फबारी की संभावना

  • उत्तराखंड: 17–18 जनवरी हल्की बारिश/बर्फबारी, 21–23 जनवरी व्यापक वर्षा

  • पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी यूपी: 22–23 जनवरी हल्की बारिश

  • पूर्वी यूपी व उत्तर राजस्थान: 23 जनवरी को बारिश के आसार

🔹 न्यूनतम तापमान का पूर्वानुमान

  • अगले 2 दिनों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान में लगभग 2°C की बढ़ोतरी

  • पूर्वी भारत में अगले 4 दिनों में 2–3°C की क्रमिक बढ़ोतरी

  • देश के अन्य हिस्सों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं

🔹 कोहरा, शीत लहर और शीत दिवस की चेतावनी

  • पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़: 22 जनवरी तक घना कोहरा

  • उत्तर प्रदेश: 20 जनवरी तक घने कोहरे की संभावना

  • बिहार: 21 जनवरी तक सुबह-रात घना कोहरा

  • पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा: 17–18 जनवरी को शीत लहर की प्रबल संभावना

🔹 मछुआरों के लिए चेतावनी

मौसम विभाग ने मछुआरों को 17 से 22 जनवरी 2026 के दौरान मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र के कुछ हिस्सों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है।