कृषि महोत्सव: किसान सखियों ने दिया प्राकृतिक खेती का संदेश
गोरखपुर कृषि महोत्सव में प्राकृतिक खेती और श्री अन्न पर विशेष फोकस, किसानों को मिली आधुनिक कृषि तकनीकों की व्यापक जानकारी
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प्राकृतिक खेती से लागत घटाने और पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया संदेश
श्री अन्न की खेती को बताया गया भविष्य की खेती
गोरखपुर –जनपद गोरखपुर में आयोजित कृषि महोत्सव किसानों के लिए ज्ञान, नवाचार और मनोरंजन का महत्वपूर्ण मंच बनकर सामने आया। महोत्सव का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक, जैविक एवं उन्नत कृषि पद्धतियों से जोड़ना तथा रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के सीमित उपयोग के प्रति जागरूक करना रहा। जनपद के विभिन्न विकास खण्डों से बड़ी संख्या में किसानों ने कार्यक्रम में भाग लेकर कृषि से जुड़ी नवीन जानकारियाँ प्राप्त कीं।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, किसान सखियों की अहम भूमिका
महोत्सव के दौरान किसान सखियों द्वारा देसी जीवामृत, घन जीवामृत, जैविक खाद एवं प्राकृतिक कीट नियंत्रण के तरीकों की व्यवहारिक जानकारी किसानों को दी गई, जिससे रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग न्यूनतम किया जा सके।
मनोरंजन के साथ जागरूकता, जादू प्रस्तुति रही आकर्षण का केंद्र
कृषि महोत्सव के दौरान कार्यक्रम को रोचक बनाए रखने के लिए जादूगर ने अपनी जादू प्रस्तुतियों से किसानों और आगंतुकों का भरपूर मनोरंजन किया। उनकी प्रस्तुतियों ने जहां लोगों का ध्यान आकर्षित किया, वहीं पूरे मेला परिसर में उत्साह और उल्लास का वातावरण बना रहा।
विभिन्न स्टॉलों पर मिली आधुनिक कृषि उत्पादों की जानकारी
कृषि महोत्सव में कृषि विभाग के विभिन्न अनुभागों, निजी संस्थाओं तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) द्वारा अनेक स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों पर उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र, जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों सहित कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। किसानों और मेला भ्रमणकर्ताओं ने स्टॉलों का भ्रमण कर विशेषज्ञों से सीधे संवाद किया तथा अपनी आवश्यकतानुसार विभिन्न कृषि उत्पादों का क्रय भी किया।
श्री अन्न पर विशेष व्याख्यान, कम लागत में अधिक उत्पादन पर जोर
कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विशेषज्ञों ने प्राकृतिक, जैविक एवं उन्नत खेती के साथ-साथ मोटे अनाज आधारित ‘श्री अन्न’ पर केंद्रित व्याख्यान दिए। उन्होंने ज्वार, बाजरा, रागी जैसे मोटे अनाजों की खेती को कम पानी और कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली बताया। साथ ही, बढ़ती बाजार मांग और पोषण महत्व को देखते हुए श्री अन्न को किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बताया गया।
कृषकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सार्थक पहल
कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को टिकाऊ और लाभकारी खेती की दिशा में प्रेरित किया गया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और बाजार से जोड़ने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं, जिससे भविष्य में किसानों की आय में वृद्धि और कृषि क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।
चित्र:सौजन्य सोशल मीडिया