यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026: कृषि, ओडीओपी और खाद्य प्रसंस्करण को मिला ग्लोबल मंच, निर्यात बढ़ाने पर जोर!
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश की कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, ओडीओपी (एक जनपद-एक उत्पाद) और ग्रामीण उद्यमिता को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026 का समापन हुआ। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह रहें इस दौरान उत्तर प्रदेश के कृषि एवं कृषि-आधारित उत्पादों, आधुनिक तकनीकों, स्टार्टअप नवाचारों और स्थानीय उद्योगों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने प्रदर्शित किया गया।
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित ट्रेड शो के विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और उद्यमियों, निर्यातकों, किसानों तथा युवा स्टार्टअप प्रतिनिधियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्थानीय क्षमता को वैश्विक मंच से जोड़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए कृषि निर्यात, मूल्य संवर्धन तथा खाद्य प्रसंस्करण को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला नया अवसर
ट्रेड शो में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए विशेष आकर्षण देखने को मिला। विभिन्न स्टॉलों पर खाद्य प्रसंस्करण, जैविक उत्पाद, बागवानी, कृषि यंत्र, एग्री-टेक समाधान, ड्रोन तकनीक और निर्यात योग्य कृषि उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। इससे किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), कृषि स्टार्टअप्स और प्रसंस्करण इकाइयों को नए व्यापारिक अवसर तलाशने का मंच मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन कृषि उत्पादों के लिए नए बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ओडीओपी और कृषि उत्पादों को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न जनपदों के विशिष्ट उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। इनमें मुरादाबाद के पीतल उत्पाद, भदोही के कालीन, वाराणसी की साड़ियां, संत कबीर नगर के हस्तशिल्प सहित अनेक ओडीओपी उत्पाद शामिल रहे।
इसके साथ ही आम, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, मसाले, फल-सब्जियां और अन्य कृषि उत्पादों को भी निर्यातकों एवं विदेशी खरीदारों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सरकार का मानना है कि ओडीओपी और कृषि उत्पादों के एकीकृत प्रदर्शन से स्थानीय उत्पादों की वैश्विक पहुंच और ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी।
कृषि उत्पादन और निर्यात में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भूमिका
कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा खाद्यान्न उत्पादक राज्य है। प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 750 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन हो रहा है। गेहूं और धान उत्पादन में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है और देश के कुल गेहूं उत्पादन में इसकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।
उन्होंने बताया कि कृषि निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश का कृषि निर्यात पिछले वर्षों की तुलना में दोगुना होकर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचा है। विशेष रूप से आम, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ और अन्य कृषि उत्पादों की मांग विदेशी बाजारों में बढ़ रही है।
खाद्य प्रसंस्करण और बागवानी क्षेत्र में नई संभावनाएं
उत्तर प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए देश के सबसे संभावनाशील राज्यों में माना जा रहा है। कृषि उत्पादन की प्रचुरता, बेहतर परिवहन नेटवर्क और बढ़ती निवेश गतिविधियों के कारण यह क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है।
बागवानी क्षेत्र में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। फल, सब्जी, फूल और मसाला उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ-साथ प्रसंस्करण उद्योगों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में कृषि की अहम भूमिका
सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि उत्तर प्रदेश को वर्ष 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में कृषि और कृषि-आधारित उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके लिए सरकार कृषि आधुनिकीकरण, मूल्य संवर्धन, निर्यात संवर्धन, कृषि अवसंरचना और किसान-केंद्रित योजनाओं पर विशेष ध्यान दे रही है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में उत्तर प्रदेश का कृषि क्षेत्र महत्वपूर्ण योगदान देगा और इसके लिए दीर्घकालिक रोडमैप के तहत कार्य किया जा रहा है।
किसानों, कारीगरों और युवा उद्यमियों की रही सक्रिय भागीदारी
ट्रेड शो में किसानों, कारीगरों, बुनकरों, महिला उद्यमियों और युवा स्टार्टअप्स की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। प्रदर्शनी ने यह संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश केवल उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि उत्पादन, प्रसंस्करण और निर्यात का तेजी से उभरता केंद्र बन रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार कृषि, एमएसएमई, ओडीओपी और स्टार्टअप सेक्टर के बीच बढ़ता समन्वय प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में मदद करेगा।
अनेक गणमान्य रहे उपस्थित
समापन समारोह में उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल, आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के. विजयन पांडियन, विशेष सचिव एमएसएमई शिशिर सिंह तथा अपर निदेशक उद्योग रोहित आनंद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे आयोजन किसानों, कृषि उद्यमियों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को सीधे बाजार से जोड़कर उत्तर प्रदेश को कृषि निर्यात हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

























