स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु ने किया कृषि विज्ञान केन्द्र, पोकरण का अवलोकन
पोकरण। स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलगुरु डॉ. आर.बी. दुबे ने सोमवार को कृषि विज्ञान केन्द्र, पोकरण का भ्रमण कर वहां संचालित अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विस्तार गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने किसानों के हित में चल रहे कार्यक्रमों की सराहना करते हुए वैज्ञानिकों को क्षेत्रीय कृषि समस्याओं के समाधान हेतु तकनीकी नवाचारों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
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अनुसंधान एवं प्रशिक्षण गतिविधियों की समीक्षा
दौरे के दौरान कुलगुरु ने केन्द्र पर संचालित अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन, प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, उन्नत फसल उत्पादन तकनीक, कुक्कुट पालन, पशुपालन, बागवानी तथा जल संरक्षण संबंधी कार्यक्रमों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि मरुस्थलीय क्षेत्र की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली तकनीकों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।
बीज उत्पादन पर विशेष जोर

कुलगुरु डॉ. दुबे ने उच्च गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध होने से किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी और विश्वविद्यालय के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
उन्होंने वैज्ञानिकों को निर्देशित किया कि जिले की प्रमुख फसलों एवं पशुधन आधारित आजीविका प्रणाली को सुदृढ़ करने हेतु नवीन तकनीकों को किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। साथ ही प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित कर किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास तेज किए जाएं।
वैज्ञानिकों ने प्रस्तुत की प्रगति रिपोर्ट
इस अवसर पर केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. दशरथ प्रसाद ने विभिन्न अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विस्तार गतिविधियों की जानकारी दी। प्रसार निदेशालय, बीकानेर की निदेशक डॉ. दीपाली धवन ने कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से नवीनतम कृषि अनुसंधान को किसानों तक पहुंचाने पर बल दिया, ताकि किसान समन्वित कृषि प्रणाली अपनाकर अपनी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें।
केन्द्र के सस्य वैज्ञानिक कृष्ण गोपाल व्यास, पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. राम निवास तथा प्रसार वैज्ञानिक सुनील कुमार शर्मा ने भी केन्द्र की उपलब्धियों एवं भविष्य की कार्ययोजनाओं से अवगत कराया।
कुलगुरु के इस दौरे से कृषि विज्ञान केन्द्र, पोकरण की गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।