जीआई-टैग, स्वदेशी इंदी नींबू का विदेशी सफर, ग्लोबल बाजार में नई पहचान!

विजयपुरा से स्वदेशी इंदी नींबू की पहली खेप पहुंची यूएई

नई दिल्ली, – केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) को बधाई दी है। एपीडा ने पहली बार कर्नाटक के विजयपुरा से तीन मीट्रिक टन जीआई-टैग युक्त स्वदेशी इंदी नींबू का सफल निर्यात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को किया है।

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गोयल ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा – भारत के जीआई-टैग उत्पाद वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। इस उल्लेखनीय निर्यात के लिए एपीडा को हार्दिक बधाई।”

किसानों व निर्यातकों के लिए नए अवसर

इस उपलब्धि को भारत के कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। इससे जीआई-टैग युक्त भारतीय कृषि उत्पादों के लिए वैश्विक बाजारों में नए अवसर खुलेंगे, जिससे किसानों और निर्यातकों दोनों को लाभ होगा।

जीआई टैग (भौगोलिक संकेतक) किसी उत्पाद की विशिष्टता और गुणवत्ता का प्रमाण होता है, जो उसके भौगोलिक क्षेत्र से जुड़ा होता है। स्वदेशी इंदी नींबू अपनी प्रखर सुगंध और अनोखे स्वाद के लिए जाना जाता है और अब यह भारत के प्रमुख निर्यात उत्पादों की सूची में शामिल हो गया है।

हालिया पहल और एपीडा की भूमिका

यह कदम उस समय आया है जब इसी महीने में वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने देहरादून से दुबई को गढ़वाली सेब (किंग रोट किस्म) की पहली ट्रायल खेप को हरी झंडी दिखाई थी।

एपीडा लगातार भारतीय कृषि उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को अधिक बाजार उपलब्ध कराना, आय में वृद्धि करना और कृषि ढांचे को सशक्त बनाना है।

चित्र सौजन्य: पीयूष गोयल, सोशल मीडिया

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