मेघालय के अनानास को मिलेगा ग्लोबल मंच!

 “कृषि स्टार्टअप्स में युवा आगे आएं: केंद्रीय मंत्री का आह्वान”

मेघालय अनानास महोत्सव 2025 में बोले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान: “मेघालय के जैविक उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार”
– एयर लिफ्टिंग योजना, प्रोसेसिंग यूनिट और स्टार्टअप्स के जरिए मेघालय के कृषि विकास का होगा विस्तार

नई दिल्ली, देश के कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने की पहल के तहत  राजधानी दिल्ली में ‘मेघालय अनानास महोत्सव-2025’ का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा, केंद्र सरकार और मेघालय राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, किसान प्रतिनिधि, उद्यमी और कृषि विशेषज्ञ बड़ी संख्या में मौजूद थे।

अनानास महोत्सव का शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत मेघालय में उत्पादित अनानास से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) के आदान-प्रदान से हुई। इसके बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘कृषि क्षेत्र में मेघालय की प्रगति’ विषय पर आधारित एक संदर्भ पुस्तिका का विमोचन किया।

मेघालय के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान देने का संकल्प

अपने संबोधन में केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि “मेघालय का अनानास अपने स्वाद, गुणवत्ता और प्राकृतिक जैविकता के लिए देश और दुनिया में पहचान बना रहा है। यहां के किसान मेहनती और ईमानदार हैं, जो प्रशंसा के पात्र हैं।” उन्होंने बताया कि सिर्फ अनानास ही नहीं, बल्कि मेघालय के मसाले, हल्दी, अदरक, कटहल, मशरूम, कॉफी और चाय जैसे कृषि उत्पाद भी विशिष्ट गुणवत्ता के हैं और इन सभी को देशव्यापी पहचान दिलाने की जरूरत है।

चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पूर्वोत्तर के विकास के लिए पूरी तरह से समर्पित है। उन्होंने कहा कि मेघालय जैसे दुर्गम क्षेत्रों के जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर विशेष योजनाओं पर काम करेगी।

एयर लिफ्टिंग और प्रोसेसिंग पर फोकस

कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित ‘एयर लिफ्टिंग योजना’ को केंद्र सरकार प्राथमिकता देगी, जिससे मेघालय जैसे पहाड़ी और कठिन भौगोलिक स्थितियों वाले क्षेत्रों से ताजे कृषि उत्पाद शीघ्रता से प्रमुख बाजारों तक पहुंच सकें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि ट्रेन परिवहन और प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है ताकि उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ाई जा सके।

चौहान ने कहा कि “मेघालय के किसानों ने ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के दौरान अपने अनुभव साझा किए थे और यह सुझाव दिया था कि उनके उत्पादों की प्रोसेसिंग और भंडारण की सुविधा बेहतर की जाए। उसी दिशा में अनुसंधान और नीति निर्माण का कार्य चल रहा है।”

स्टार्टअप्स और युवाओं की भागीदारी जरूरी

केंद्रीय मंत्री ने देश के युवाओं और छात्रों से कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप्स शुरू करने की अपील करते हुए कहा कि “देश के जैविक उत्पाद विश्वस्तरीय हैं। जरूरत है इन्हें नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से बाजार तक पहुंचाने की।” उन्होंने यह भी कहा कि वैज्ञानिकों की एक टीम के साथ वे जल्द ही फिर से मेघालय का दौरा करेंगे ताकि किसानों की वास्तविक जरूरतों को और बेहतर तरीके से समझा जा सके।

केंद्र और राज्य मिलकर बनाएंगे रोडमैप

कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया कि मेघालय के कृषि क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर एक ठोस रोडमैप तैयार करेगी। उन्होंने प्रति हेक्टेयर उत्पादन बढ़ाने, कृषि उत्पादों के विपणन और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग की दिशा में सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

देशवासियों से अपील

अपने संदेश में चौहान ने देशवासियों से आग्रह किया कि वे “मेघालय के जैविक, गुणवत्तापूर्ण और स्वादिष्ट उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करें।” उन्होंने कहा कि भारत के कृषि उत्पादों की गुणवत्ता दुनिया में सबसे बेहतरीन है और हमें अपनी पारंपरिक ताकतों को पहचानते हुए इनका उपयोग बढ़ाना चाहिए।

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