October 6, 2026 4:56 AM

Krishi Times

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चाय व्यापार को नई दिशा देगा जोरहाट टी ऑक्शन सेंटर!

जोरहाट टी ऑक्शन सेंटर की पहली नीलामी संपन्न, अपर असम के चाय उद्योग को मिला नया व्यापारिक मंच

जोरहाट, 5 अक्टूबर 2026। अपर असम के चाय उद्योग के लिए ऐतिहासिक दिन रहा, जब जोरहाट टी ऑक्शन सेंटर (JTAC) में पहली चाय नीलामी का सफल आयोजन किया गया। सर्किट हाउस, जोरहाट में आयोजित इस कार्यक्रम के साथ ही केंद्र ने औपचारिक रूप से अपना संचालन शुरू कर दिया। क्षेत्र के चाय उत्पादकों, विशेषकर छोटे चाय उत्पादकों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

दोपहर 3 बजे शुरू हुई पहली नीलामी

जोरहाट टी ऑक्शन सेंटर की पहली नीलामी दोपहर 3 बजे प्रारंभ हुई। इस अवसर पर सांसद कमाख्या प्रसाद तासा, जिला आयुक्त जय शिवानी (आईएएस) तथा उत्तर-पूर्वी क्षेत्रीय कार्यालय (NEZO) के उप निदेशक (चाय विकास) दीना मोनी काकती सहित चाय उद्योग से जुड़े कई प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि यह केंद्र अपर असम के चाय उत्पादकों को स्थानीय स्तर पर बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ चाय व्यापार को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगा। इससे क्षेत्रीय भागीदारी बढ़ेगी और असम की चाय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

छोटे चाय उत्पादकों को मिलेगा सीधा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि जोरहाट में नीलामी केंद्र की स्थापना से छोटे चाय उत्पादकों (Small Tea Growers) को अपनी उपज के बेहतर मूल्य प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। अब उन्हें अपने उत्पादों की बिक्री के लिए दूरस्थ नीलामी केंद्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे परिवहन लागत और समय दोनों की बचत होगी।

असम देश के कुल चाय उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देता है और पिछले कुछ वर्षों में छोटे चाय उत्पादकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऐसे में स्थानीय नीलामी केंद्र क्षेत्रीय व्यापारिक गतिविधियों को गति देने का माध्यम बन सकता है।

एफपीओ और स्थानीय उद्यमियों की चाय प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम के दौरान छोटे चाय उत्पादकों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा स्थानीय उद्यमियों द्वारा तैयार विभिन्न प्रकार की चाय का प्रदर्शन भी किया गया। प्रदर्शनी में क्षेत्र की विविधता और गुणवत्ता को दर्शाने वाली कई विशेष चाय किस्में आकर्षण का केंद्र रहीं।

प्रतिभागियों ने पारंपरिक चाय के साथ-साथ विशेष प्रसंस्करण तकनीकों से तैयार उत्पादों का भी प्रदर्शन किया, जिससे स्थानीय उद्यमिता और नवाचार की झलक देखने को मिली।

ऑर्गेनिक और स्पेशलिटी टी को मिला विशेष मंच

प्रदर्शनी में ऑर्गेनिक, हस्तनिर्मित (आर्टिसनल) और प्रीमियम श्रेणी की स्पेशलिटी टी किस्मों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। इन उत्पादों ने यह दिखाया कि असम का चाय क्षेत्र अब केवल बड़े पैमाने पर उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि उच्च गुणवत्ता और मूल्यवर्धित उत्पादों की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक बाजार में ऑर्गेनिक और स्पेशलिटी टी की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में स्थानीय उत्पादकों के लिए यह क्षेत्र निर्यात और बेहतर आय के नए अवसर प्रदान कर सकता है।

क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

चाय उद्योग असम की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है और लाखों लोगों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। जोरहाट टी ऑक्शन सेंटर के संचालन से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, गुणवत्ता परीक्षण और विपणन सेवाओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकते हैं।

चाय उद्योग के लिए नई शुरुआत

जोरहाट टी ऑक्शन सेंटर की पहली नीलामी को चाय उद्योग के लिए एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। उद्योग जगत का मानना है कि यह केंद्र न केवल चाय उत्पादकों और खरीदारों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करेगा, बल्कि असम की विश्व प्रसिद्ध चाय को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

चाय उत्पादकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि यह पहल क्षेत्रीय विकास, किसानों की आय वृद्धि और असम के चाय क्षेत्र की दीर्घकालिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान देगी।