October 2, 2026 10:56 AM

Krishi Times

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गोसेवा में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त: धर्मपाल सिंह

बदायूं की गौशाला में मिलीं खामियां, पशुपालन मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

गोवंश की देखभाल में लापरवाही पर जताई नाराजगी

बदायूं (उत्तर प्रदेश)। प्रदेश के पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा है कि निराश्रित गोवंशों की सुरक्षा, देखभाल और रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोशालाओं के संचालन में शासन द्वारा निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है।

व्योर गाँव गौशाला का किया निरीक्षण

पशुपालन मंत्री ने जनपद बदायूं के म्याऊं ब्लॉक स्थित व्योर गाँव गौशाला का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोवंशों के लिए उपलब्ध चारा, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं, साफ-सफाई तथा आश्रय स्थलों की स्थिति का अवलोकन किया।

कमियां मिलने पर अधिकारियों को फटकार

निरीक्षण के दौरान गौशाला में पशुओं की देखभाल और प्रबंधन संबंधी कुछ कमियां सामने आने पर मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि गोवंशों के संरक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पौष्टिक चारा और चिकित्सा सुविधा पर जोर

धर्मपाल सिंह ने कहा कि गोवंशों को समय पर पौष्टिक चारा, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी गौशालाओं में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और पोषण प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

पशुधन संरक्षण को लेकर सरकार गंभीर

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पशुधन संरक्षण और गोवंश कल्याण को लेकर गंभीर है। गौशालाओं की नियमित निगरानी, संसाधनों की उपलब्धता और व्यवस्थाओं की गुणवत्ता पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है। जहां भी अनियमितताएं या लापरवाही सामने आएगी, वहां जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुधन की महत्वपूर्ण भूमिका

विशेषज्ञों के अनुसार पशुधन न केवल किसानों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है, बल्कि जैविक खेती, दुग्ध उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में भी अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में गौशालाओं का बेहतर प्रबंधन और पशुओं की समुचित देखभाल कृषि एवं ग्रामीण विकास के लिए भी आवश्यक माना जाता है।

शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने के निर्देश

पशुपालन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी गौशालाओं में मानक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और गोसेवा के कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संचालित गौशालाओं की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा जारी रहेगी ताकि गोवंशों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सके।