September 28, 2026 6:40 AM

Krishi Times

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किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा वैज्ञानिक बकरी पालन मॉडल!

सीआईआरजी मखदूम पहुंचे पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव, बकरी पालन अनुसंधान और नवाचारों की सराहना!

मथुरा। भारत सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार ने 18 जून 2026 को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के अंतर्गत संचालित केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (सीआईआरजी), मखदूम, मथुरा का दौरा कर संस्थान की अनुसंधान गतिविधियों, प्रगतिशील परियोजनाओं तथा बकरी पालन क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की समीक्षा की।

दौरे के दौरान सचिव ने संस्थान के विभिन्न बकरी फार्मों का निरीक्षण किया और वहां संचालित अनुसंधान एवं प्रबंधन गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। संस्थान द्वारा आयोजित एक विशेष पॉडकास्ट कार्यक्रम में उन्होंने किसानों से बकरी पालन को आय बढ़ाने के प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बकरी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए रोजगार और अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है।

नस्ल सुधार और स्वास्थ्य प्रबंधन कार्यों की सराहना

निरीक्षण के दौरान सचिव ने बकरी पालन के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किए जा रहे अनुसंधान कार्यों, नस्ल सुधार कार्यक्रमों, स्वास्थ्य प्रबंधन, पोषण एवं प्रजनन संबंधी तकनीकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पशुधन क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं।

उन्होंने संस्थान को किसानों की आय बढ़ाने, पशुधन विकास को गति देने तथा बकरी पालन को अधिक लाभकारी बनाने के लिए अपने प्रयासों को और मजबूत करने का सुझाव दिया।

वैज्ञानिकों के साथ संवाद, अनुसंधान परियोजनाओं की समीक्षा

संस्थान के डॉ. के.पी. पंत समिति हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान वैज्ञानिकों एवं तकनीकी अधिकारियों ने विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं, प्रौद्योगिकी विकास कार्यक्रमों, नवाचारों और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

बैठक में संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों, किसानों तक तकनीक हस्तांतरण, बकरी पालन आधारित उद्यमिता विकास तथा पशुधन क्षेत्र में किए जा रहे योगदान की जानकारी भी साझा की गई। प्रस्तुतीकरण के बाद सचिव ने अनुसंधान कार्यक्रमों और विकासात्मक गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।

भविष्य की अनुसंधान रणनीति पर चर्चा

संस्थान के निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली ने संस्थान में चल रहे शोध कार्यों, प्रमुख उपलब्धियों, प्रगतिशील परियोजनाओं तथा भविष्य की अनुसंधान रणनीतियों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर बकरी पालन विकास में संस्थान की भूमिका और उपलब्धियों को भी रेखांकित किया।

कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिक, तकनीकी अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सचिव के सुझावों और मार्गदर्शन से संस्थान को अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को और अधिक प्रभावी एवं किसानोन्मुख बनाने की दिशा में नई ऊर्जा प्राप्त हुई।

बकरी पालन बना ग्रामीण आजीविका का मजबूत आधार

विशेषज्ञों के अनुसार, बकरी पालन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला पशुपालन व्यवसाय है। वैज्ञानिक तकनीकों, उन्नत नस्लों और बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन के माध्यम से यह क्षेत्र किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सीआईआरजी द्वारा विकसित तकनीकों और अनुसंधान निष्कर्षों का लाभ देशभर के पशुपालकों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।