नई पीढ़ी के हाथों कृषि का भविष्य: IARI दीक्षांत 2026

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान होंगे मुख्य अतिथि

470 विद्यार्थियों को प्रदान की जाएंगी डिग्रियां, कृषि अनुसंधान व नवाचार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों का होगा सम्मान !!

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नई दिल्ली, 12 फरवरी 2026। देश के प्रतिष्ठित कृषि शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान आईसीएआर–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली का 64वां दीक्षांत समारोह 13 फरवरी 2026 को भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वे समारोह में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को डिग्रियां एवं पदक प्रदान करेंगे तथा उन्हें देश की कृषि व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रेरित करेंगे।

विद्यार्थियों के लिए गौरवपूर्ण क्षण !!

दीक्षांत समारोह संस्थान के विद्यार्थियों के लिए उनकी वर्षों की मेहनत, अनुसंधान और समर्पण का प्रतीकात्मक उत्सव होगा। इस वर्ष कुल 470 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इनमें 290 विद्यार्थी एम.एससी./एम.टेक. कार्यक्रम से उत्तीर्ण हुए हैं, जिनमें 126 छात्राएं और 164 छात्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 180 शोधार्थियों ने पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है, जिनमें 70 छात्राएं और 110 छात्र शामिल हैं। पीएच.डी. प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में दो विदेशी छात्र भी सम्मिलित हैं, जो आईएआरआई की वैश्विक पहचान और आकर्षण को दर्शाता है।

उत्कृष्ट शोध और नवाचार को मिलेगा सम्मान !!

समारोह के दौरान कृषि अनुसंधान, प्राकृतिक खेती, जलवायु-स्मार्ट कृषि, डिजिटल एग्रीकल्चर, जैव प्रौद्योगिकी तथा ग्रामीण उद्यमिता जैसे उभरते क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों और शोधार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। संस्थान का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि क्षेत्र में व्यावहारिक और तकनीक-आधारित समाधान विकसित करने पर भी केंद्रित है।

केंद्रीय मंत्री देंगे मार्गदर्शन !!

मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान युवा कृषि वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और नवप्रवर्तकों को कृषि एवं ग्रामीण विकास की चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए प्रेरित करेंगे। वे अपने संबोधन में आत्मनिर्भर कृषि, किसानों की आय वृद्धि, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और तकनीक आधारित कृषि प्रणाली के महत्व पर प्रकाश डाल सकते हैं। उनका मार्गदर्शन भावी कृषक-वैज्ञानिकों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए प्रेरक ऊर्जा का कार्य करेगा।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति !!

समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और रामनाथ ठाकुर की गरिमामय उपस्थिति भी रहेगी। वे विद्यार्थियों और वैज्ञानिक समुदाय का उत्साहवर्धन करेंगे तथा सरकार की कृषि क्षेत्र से जुड़ी प्राथमिकताओं और योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे। इस अवसर पर आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट तथा आईएआरआई के निदेशक डॉ. सी.एच. श्रीनिवास राव संस्थान की उपलब्धियों, अनुसंधान उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से प्रकाश डालेंगे।

121 वर्षों की गौरवशाली परंपरा !!

121 वर्ष पुराना आईएआरआई देश का अग्रणी कृषि संस्थान है, जिसने हरित क्रांति में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। संस्थान कृषि अनुसंधान, शिक्षा एवं प्रसार गतिविधियों के माध्यम से देश की खाद्य, पोषण और आजीविका सुरक्षा को सुदृढ़ करने में अग्रणी रहा है। वर्ष 1923 में शुरू हुए इसके शैक्षणिक कार्यक्रमों ने एक सदी से अधिक समय तक उत्कृष्टता की परंपरा को बनाए रखा है और हजारों कृषि वैज्ञानिक देश-विदेश में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता !!

आईएआरआई को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा वर्ष 2023–2028 के लिए ‘A’ ग्रेड प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त, आईसीएआर के राष्ट्रीय कृषि शिक्षा प्रत्यायन बोर्ड (NAEAB) से वर्ष 2025–2030 के लिए 3.64/4.00 (A+ समतुल्य) स्कोर के साथ मान्यता प्राप्त हुई है। वर्ष 2025 की एनआईआरएफ रैंकिंग में संस्थान ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की श्रेणी में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं नव आरंभ एसडीजी रैंकिंग में आईएआरआई को आईआईटी मद्रास के बाद दूसरा स्थान मिला, जो संस्थान की गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।

कृषि क्षेत्र के भविष्य की दिशा !!

आईएआरआई का 64वां दीक्षांत समारोह केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि यह संदेश भी देगा कि भारत का कृषि क्षेत्र नई पीढ़ी के वैज्ञानिकों और नवप्रवर्तकों के हाथों ज्ञान, अनुसंधान और तकनीक आधारित विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह आयोजन देश के कृषि भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा।