राष्ट्रीय एफपीओ समागम 2025 में बोले शिवराज सिंह चौहान – किसान बनें उत्पादक से उद्यमी
📍नई दिल्ली, – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली स्थित एनसीडीसी-एनसीयूआई परिसर में “राष्ट्रीय एफपीओ समागम 2025” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 24 राज्यों और 140 जिलों के 500 से अधिक प्रगतिशील किसान, एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन), सीबीबीओ (क्लस्टर आधारित व्यावसायिक संगठन) और कार्यान्वयन एजेंसियों ने भाग लिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
🚜 किसानों को उत्पादक से उद्यमी बनाने की दिशा में बड़ा कदम
समागम के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों को केवल उत्पादक नहीं, बल्कि उद्यमी बनाना ही सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा — “किसान प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के माध्यम से अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं। हमारा फोकस इंटीग्रेटेड फार्मिंग पर है ताकि खेती के साथ अन्य संबद्ध गतिविधियों से भी किसानों की आमदनी बढ़े।”
🌱 “सीड एक्ट” जल्द लाने की घोषणा
चौहान ने घोषणा की कि सरकार शीघ्र ही नया सीड एक्ट लाने जा रही है, जिसके तहत किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। उन्होंने कहा — “नकली और घटिया बीज या कीटनाशक बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। किसानों की सुरक्षा के लिए कड़ा कानून लाया जाएगा।”
💬 प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा है और सरकार किसानों की मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्पादन और उपभोक्ता के बीच मूल्य अंतर को कम करना आवश्यक है ताकि किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिल सके।
🏆 उत्कृष्ट एफपीओ और एजेंसियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट एफपीओ, सीबीबीओ और कार्यान्वयन एजेंसियों को उनके नवाचार, डिजिटल उत्कृष्टता और संगठनात्मक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
🌾 267 एफपीओ की कृषि प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र
एफपीओ समागम में 267 एफपीओ ने अनाज, तिलहन, दालें, फल, सब्जियां, जैविक व प्रसंस्कृत उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी लगाई। केंद्रीय मंत्री ने 57 स्टॉल्स का अवलोकन किया और किसानों से सीधा संवाद करते हुए उनके नवाचारों की सराहना की।
🧑🔬 तकनीकी सत्रों और पैनल चर्चाओं का आयोजन
कार्यक्रम में तिलहन उत्पादन, प्राकृतिक खेती, जल उपयोग दक्षता, कृषि अवसंरचना कोष, डिजिटल मार्केटिंग, बीज उत्पादन, एगमार्क प्रमाणन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।
🤝 एफपीओ आंदोलन को नई दिशा
समागम के दौरान किसानों, एफपीओ और बाजार प्रतिनिधियों के बीच संवाद का मंच तैयार किया गया, जिससे ग्रामीण उद्यमियों को नए बाजार अवसर प्राप्त होंगे। चौहान ने एफपीओ से सालभर के भीतर टर्नओवर बढ़ाने और अधिक किसानों को जोड़ने की अपील की।
उन्होंने कहा — “स्वदेशी और स्वावलंबन के माध्यम से हम गांवों को समृद्ध और आत्मनिर्भर बना सकते हैं। एफपीओ न केवल किसानों बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएं।”
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी और अतिरिक्त सचिव श्रीमती मनिंदर कौर द्विवेदी भी उपस्थित रहीं।