अब जानवरों को भी मिलेगा सुरक्षित ब्लड ट्रांसफ्यूजन!

ब्लड ट्रांसफ्यूजन गाइडलाइन से मजबूत होगा पशु स्वास्थ्य इकोसिस्टम

नई दिल्ली। भारत सरकार ने पशु स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपनी तरह का पहला राष्ट्रीय दिशानिर्देश और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी किया है। इसका उद्देश्य राज्य-नियंत्रित पशु ब्लड बैंकों की स्थापना, जैव सुरक्षा नियमों का पालन और भविष्य उन्मुख नवाचारों को बढ़ावा देना है।

मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD) ने “भारत में जानवरों के लिए ब्लड ट्रांसफ्यूजन और ब्लड बैंक हेतु दिशानिर्देश एवं एसओपी” को औपचारिक रूप से जारी किया।

क्यों अहम है यह पहल?

वैश्विक स्तर पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन को जानवरों के लिए जीवन रक्षक उपाय माना जाता है। यह विशेषकर गंभीर चोट, एनीमिया, बड़ी सर्जरी, संक्रामक रोग और रक्त जमाव विकारों के मामलों में जरूरी होता है। लेकिन भारत में अब तक पशु चिकित्सा ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के लिए कोई व्यापक राष्ट्रीय ढांचा नहीं था। आपात स्थितियों में रक्त दान या ट्रांसफ्यूजन बिना मानकीकृत प्रोटोकॉल के किया जाता था।

अब जारी हुए ये दिशानिर्देश पशुओं में दाता चयन, रक्त संग्रह, प्रसंस्करण, भंडारण, ट्रांसफ्यूजन प्रक्रियाओं और सुरक्षा उपायों के लिए एक सुव्यवस्थित ढांचा प्रदान करते हैं।

दिशानिर्देशों के मुख्य बिंदु

  • राज्य-नियंत्रित ब्लड बैंक की स्थापना, जैव सुरक्षा नियमों का पालन

  • ब्लड टाइपिंग और क्रॉस-मैचिंग अनिवार्य, ताकि गलत रक्त चढ़ाने से होने वाली प्रतिक्रियाएँ रोकी जा सकें

  • दाता चयन के मानदंड: स्वास्थ्य, आयु, वज़न, टीकाकरण और बीमारियों की जाँच

  • स्वैच्छिक व नि:शुल्क रक्तदान पर जोर, दाता अधिकार चार्टर और सूचित सहमति

  • वन हेल्थ सिद्धांत: पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों के जोखिम प्रबंधन पर ध्यान

  • दाता पंजीकरण, ट्रांसफ्यूजन की निगरानी और प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं की रिपोर्टिंग के लिए मानक एसओपी और चेकलिस्ट

  • राष्ट्रीय पशु चिकित्सा ब्लड बैंक नेटवर्क (N-VBBN) का रोडमैप: डिजिटल रजिस्ट्री, रियल टाइम स्टॉक जानकारी, आपातकालीन हेल्पलाइन

  • शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण मॉड्यूल का समावेश: BVSc & AH, स्नातकोत्तर और सतत शिक्षा

भविष्य की दिशा

इन दिशानिर्देशों का उद्देश्य आगामी समय में

  • मोबाइल रक्त संग्रह इकाइयों,

  • दुर्लभ रक्त प्रकारों के क्रायोप्रेज़र्वेशन,

  • दानकर्ता-प्राप्तकर्ता मिलान के लिए मोबाइल ऐप,

  • और उन्नत ब्लड ट्रांसफ्यूजन अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

पशुपालन क्षेत्र का महत्व

भारत में 537 मिलियन से अधिक पशुधन और 125 मिलियन से अधिक पालतू जानवर हैं। यह क्षेत्र कृषि जीडीपी में 30% और राष्ट्रीय जीडीपी में 5.5% योगदान देता है। ऐसे में ब्लड बैंक और ट्रांसफ्यूजन प्रणाली पशु कल्याण, ग्रामीण आजीविका और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

सारांश

यह नया ढांचा न केवल पशु चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करेगा, बल्कि आपातकालीन देखभाल को भी मजबूती देगा। दिशानिर्देश एक सलाहकार और गतिशील दस्तावेज़ हैं, जो भविष्य में वैज्ञानिक अनुसंधान और जमीनी अनुभवों के आधार पर अपडेट होते रहेंगे।

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