आईसीएआर-आईएआरआई ने किया आठ दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ
नई दिल्ली-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-आईएआरआई), नई दिल्ली के एनईएच कार्यक्रम के अंतर्गत “पूर्वोत्तर पर्वतीय क्षेत्र किसानों की आजीविका सुधार हेतु आधुनिक उपकरण एवं प्रौद्योगिकियाँ” विषय पर आठ दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम (27 अगस्त से 3 सितंबर 2025) का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन आईसीएआर-आईएआरआई के निदेशक डॉ. श्रीनिवास राव ने कृषि अभियांत्रिकी प्रभाग के सभागार में किया।
इस प्रशिक्षण में त्रिपुरा के धलाई जिले के 20 नवाचारी किसान भाग ले रहे हैं। उन्हें फसल पैदावार और लाभप्रदता बढ़ाने के लिए आधुनिक कृषि उपकरणों, यंत्रीकरण, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्य अतिथि डॉ. राव ने अदरक व हल्दी जैसी प्रमुख फसलों के प्रसंस्करण पर जोर देते हुए कहा कि एकीकृत कृषि प्रणाली, सूक्ष्म सिंचाई, अम्लीय मृदा प्रबंधन और पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग ही किसानों के सतत लाभ का आधार है। उन्होंने किसानों के बीच एफपीओ के गठन और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कृषि उत्पादों का शेल्फ-लाइफ व बाजार मूल्य बढ़ाने पर भी बल दिया।
कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) डॉ. सी. विश्वनाथन ने कृषि प्रौद्योगिकियों के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं कृषि अभियांत्रिकी प्रभागाध्यक्ष डॉ. पी. के. साहू ने 2012 से अब तक एनईएच क्षेत्र में प्रसारित तकनीकों की जानकारी साझा की। कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक डॉ. दिलीप कुमार कुशवाहा ने किया और अंत में धन्यवाद ज्ञापन भी प्रस्तुत किया।