जैविक खाद्य: सेहत भी सुरक्षित, पर्यावरण भी संरक्षित!

ऑर्गेनिक फूड: स्वास्थ्य और सतत विकास का आधार कृषि में जैविक खेती के बढ़ते प्रभाव पर विशेषज्ञों की राय, प्रमाणन प्रक्रिया को बताया जरूरी तेजी से बढ़ती जनसंख्या और खाद्य सुरक्षा की चुनौती ने ग्लोबल स्तर पर जैविक खाद्य पदार्थों की मांग को मजबूती दी है। रसायनों, कीटनाशकों और सिंथेटिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से … Read more

विज्ञापन चमके, फसलें मुरझाईं – बायोस्टिमुलेंट की असलियत!

बायोस्टिमुलेंट और नैनो यूरिया पर किसानों की नाराजगी! भारतीय कृषि अब एक नई टकराहट के केंद्र में है—जहां खेतों की ज़रूरतों और बाजार की आपूर्तियों के बीच सामंजस्य नहीं, बल्कि संघर्ष पनप रहा है। उत्पादन में सुधार के नाम पर प्रचारित किए जा रहे उत्प्रेरक उत्पाद जैसे बायोस्टिमुलेंट, नैनो यूरिया और अन्य कृषि इनपुट्स की … Read more

आम की पत्तियां पीली? जानिए इसका वैज्ञानिक कारण

आम में जिंक की कमी: लक्षण, कारण और प्रभावी इलाज आम के पेड़ की पत्तियां हो रही पीली, विकास में रुकावट – कारण और वैज्ञानिक समाधान पर विशेषज्ञ की सलाह✍️ प्रोफेसर (डॉ.) एस.के. सिंहपूर्व सह-निदेशक अनुसंधान एवं विभागाध्यक्ष, पौध रोग एवं सूत्रकृमि विभाग, एवंपूर्व प्रधान अन्वेषक, अखिल भारतीय फल अनुसंधान परियोजनाडॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि … Read more

🌍 कृषि से युवाओं का जुड़ाव बढ़ाएगा ग्लोबल GDP: FAO

📊 1.3 अरब युवाओं के लिए कृषि-खाद्य प्रणाली में अपार संभावनाएं FAO रिपोर्ट: कृषि-खाद्य प्रणाली में युवाओं की भूमिका पर गहन विश्लेषण, 1.3 अरब युवाओं के लिए चुनौतियाँ और अवसर संयुक्त राष्ट्र की खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने “The Status of Youth in Agrifood Systems” नामक एक व्यापक रिपोर्ट जारी की है, जो कृषि-खाद्य … Read more

कम पानी, ज़्यादा लाभ: पर्यावरण संरक्षित खेती कैसे करें?

हर खेत में हरियाली, जब खेती हो पर्यावरण के साथ🌾🍀 आज की दुनिया में हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और कृषि विकास, दोनों ही एक दूसरे के पूरक हैं। जिस प्रकार पारंपरिक खेती ने उत्पादन तो बढ़ाया, लेकिन साथ ही साथ मिट्टी की उर्वरता में गिरावट, जल स्रोतों का क्षरण, रासायनिक प्रदूषण और जैव विविधता में कमी … Read more

रसीले आम की पहचान कैसे करें? जानिए एक्सपर्ट टिप्स

“फलों का राजा आम: स्वाद, सेहत और व्यापार का बादशाह” आम, जिसे सही मायनों में “फलों का राजा” कहा जाता है, भारतीय उपमहाद्वीप की सांस्कृतिक, पोषणीय और आर्थिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। इसका रसीला स्वाद, मोहक सुगंध, स्वास्थ्यवर्धक गुण और वैश्विक मांग इसे एक विशेष फल बनाते हैं। इस लेख में हम उच्च गुणवत्ता … Read more

नई दिल्ली में CGE मॉडलिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम

IFPRI और ICAR-IARI के सहयोग से CGE मॉडलिंग कार्यशाला नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (IFPRI), साउथ एशियन नेटवर्क ऑन इकोनॉमिक मॉडलिंग (SANEM) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-IARI) के सहयोग से CGIAR समर्थित एक सप्ताह का कम्प्यूटेबल जनरल इक्विलिब्रियम (CGE) मॉडलिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम आज से नई दिल्ली में शुरू हो … Read more

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: कृषि कार्यों में महिलाओं का योगदान

कृषि में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका हर साल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है, जो समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मानित करने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में महिलाओं की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। भारतीय कृषि … Read more

“बसंत पंचमी: जब धरती सोने जैसी खिल उठती है”

बसंत पंचमी और कृषि: किसानों के लिए नई ऊर्जा का पर्व भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां किसानों और कृषि का समाज, संस्कृति और त्योहारों से गहरा नाता है। यहां हर ऋतु के बदलाव के साथ खेती और किसानों की जिंदगी पर प्रभाव पड़ता है। बसंत पंचमी, जो वसंत ऋतु के आगमन का संकेत … Read more

लो टनल तकनीक: थार के किसानों के लिए वरदान

ये तकनीक बदल सकती है थार की तस्वीर, बेमौसम सब्जियों की खेती से हो रहा फायदा थार के क्षेत्र में खेती हमेशा से चुनौतीपूर्ण रही है, खासकर सर्दियों में जब तापमान कम हो जाता है और पाला पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। इन परिस्थितियों में लो टनल तकनीक किसानों के लिए आशा की किरण … Read more