बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों के लिए अब मिलेगा आर्थिक सहारा
बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2025-26 : बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू
पटना, – बिहार सरकार ने खरीफ मौसम में बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना (2025-26) की घोषणा की है। इस योजना के तहत प्रभावित किसानों को फसल क्षति का मुआवजा दिया जाएगा। कृषि विभाग ने इसकी विस्तृत गाइडलाइन जारी करते हुए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आवेदन की शुरुआत और अंतिम तिथि
योजना के तहत आवेदन पत्र ऑनलाइन प्राप्त किए जा रहे हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते आवेदन करें, क्योंकि अंतिम तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदन सबमिट होने के बाद यदि उसमें कोई त्रुटि पाई जाती है तो आवेदक को 48 घंटे के भीतर सुधार करने का अवसर मिलेगा। निर्धारित समय सीमा के बाद आवेदन स्वतः ही संबंधित कृषि समन्वयक के पास जांच के लिए अग्रसारित हो जाएगा। इसके बाद किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा।
अधिकतम सीमा और लाभार्थी
यह योजना एक किसान परिवार (पति, पत्नी और अवयस्क बच्चों) के लिए अधिकतम 2 हेक्टेयर (494 डिसिमिल भूमि) तक लागू होगी। सरकार का उद्देश्य है कि छोटे और मध्यम किसानों को उनकी फसल क्षति का उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
किन फसलों पर मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान को केवल एक पंजीकरण करना होगा। इसके आधार पर वे निम्नलिखित फसलों में हुए नुकसान की भरपाई के पात्र होंगे –
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शाश्वत एवं बारहमासी फसलें
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धान
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खरीफ दलहन
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खरीफ तेलहन
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मक्का
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सब्जियां
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गन्ना
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अन्य खरीफ फसलें
जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को भूमि स्वामित्व और खेती से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
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स्वयं भू-धारी किसान – भूमि के दस्तावेज (अद्यतन एलपीसी या वर्ष 2024-25 की जमीन रसीद)।
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वास्तविक खेतिहर किसान – स्व-घोषणा प्रमाण पत्र।
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वास्तविक खेतिहर + स्वयं भू-धारी – भूमि दस्तावेज के साथ-साथ स्व-घोषणा पत्र।
कृषि विभाग ने किसानों की सुविधा के लिए स्व-घोषणा प्रमाण पत्र पोर्टल से डाउनलोड करने की व्यवस्था भी की है।
बैंक खाता और आधार लिंकिंग अनिवार्य
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस योजना की राशि केवल आधार से लिंक बैंक खाते में ही अंतरित की जाएगी। इसलिए आवेदन करते समय किसानों को अपने आधार लिंक्ड बैंक खाते का विवरण सही-सही दर्ज करना अनिवार्य है।
किसानों के लिए चेतावनी और सलाह
कृषि विभाग ने कहा है कि किसान आवेदन करते समय सभी जानकारी ध्यान से भरें।
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यदि आवेदन में कोई त्रुटि होती है तो उसे 48 घंटे के भीतर ही सुधारा जा सकता है।
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एक बार सुधार अपडेट हो जाने के बाद दोबारा बदलाव संभव नहीं होगा।
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अंतिम तिथि के बाद किसी भी तरह का आवेदन या सुधार मान्य नहीं होगा।
सरांश
राज्य सरकार का कहना है कि यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदा से उबरने में मदद करेगी और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी। कृषि विभाग ने जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे किसानों को आवेदन प्रक्रिया में सहयोग करें और समय पर लाभ उपलब्ध कराएं।
👉 बिहार सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर आवेदन कर अपने फसल क्षति का मुआवजा सुनिश्चित करें और दस्तावेजों में किसी भी तरह की त्रुटि न रहने दें।
चित्र: प्रतीकात्मक
आवेदन जानकारी के लिए
https://dbtagriculture.bihar.gov.in/InputTest/OnlineApplication2223.aspx