कृषि अनुसंधान व साझेदारी पर भारत-दक्षिण अफ्रीका का जोर

भारत-दक्षिण अफ्रीका संयुक्त कृषि कार्य समूह की वर्चुअल बैठक संपन्न

कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर दोनों पक्षों की सहमति

नई दिल्लीभारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कृषि पर संयुक्त कार्य समूह (JWG) की पाँचवीं बैठक वर्चुअल माध्यम से आयोजित हुई। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव (स्वतंत्र प्रभार) अजीत कुमार साहू और दक्षिण अफ्रीका के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संवर्धन विभाग की कार्यवाहक निदेशक तपसना मोलेपो ने की।

बैठक में दोनों देशों ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के अवसरों पर विचार किया। इसे भारत-दक्षिण अफ्रीका कृषि सहयोग में एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है।

भारत की उपलब्धियां और पहल

बैठक में अजीत कुमार साहू ने भारत के कृषि क्षेत्र का अवलोकन प्रस्तुत करते हुए उल्लेखनीय उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने कृषि को मजबूत बनाने के लिए कई नई पहलें की हैं, जिनमें डिजिटल समाधान, जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियाँ, जोखिम न्यूनीकरण उपाय और किसान ऋण सुविधाएं प्रमुख हैं।

दक्षिण अफ्रीका की प्राथमिकताएं

दक्षिण अफ्रीका की ओर से तपसना मोलेपो ने कृषि क्षेत्र की प्राथमिकताओं पर चर्चा करते हुए कहा कि उनका देश भारत के साथ साझेदारी को और गहरा करना चाहता है। उन्होंने विस्तार सेवाओं, क्षमता निर्माण और बीज क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की गहरी रुचि व्यक्त की।

अनुसंधान और ज्ञान साझेदारी पर बल

बैठक के दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और दक्षिण अफ्रीका की कृषि अनुसंधान परिषद (ARC) के बीच सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर विशेष चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने ज्ञान आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान पहल, क्षमता निर्माण और बाज़ार पहुँच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित किया।

वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी

इस वर्चुअल बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, मत्स्य पालन विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

👉 यह बैठक भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं और साझेदारी के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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