October 14, 2026 3:01 PM

Krishi Times

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हरदोई में प्राकृतिक खेती को मिली रफ्तार!

हरदोई में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा: उप कृषि निदेशक ने NMNF क्लस्टर ग्रामों का किया निरीक्षण

हरदोई | –उप कृषि निदेशक, हरदोई द्वारा जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग (NMNF) योजना के अंतर्गत विकास खंड सांडी में स्थापित क्लस्टर ग्रामों का विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस दौरान क्लस्टर ग्राम चन्दाऊ बेचे एवं जिगिनिया कलाँ में संचालित प्राकृतिक खेती गतिविधियों की प्रगति का जायजा लिया गया और कृषकों से प्रत्यक्ष संवाद कर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

प्राकृतिक खेती की तकनीकों पर विस्तार से चर्चा

निरीक्षण के समय उप कृषि निदेशक ने कृषकों से प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र एवं ब्रह्मास्त्र के निर्माण की विधि, उनके प्रयोग की सही मात्रा, समय तथा फसलों पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में विस्तार से चर्चा की। कृषकों को बताया गया कि इन जैविक इनपुट्स के नियमित एवं वैज्ञानिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, लागत घटती है और फसल उत्पादन में गुणवत्ता आती है।

प्राकृतिक विधि से उगाई गई फसलों का निरीक्षण

क्लस्टर ग्रामों में प्राकृतिक विधि से उगाई जा रही सरसों, आलू एवं गेहूँ की फसलों का कृषकों के साथ खेतों में जाकर निरीक्षण किया गया। फसलों की वृद्धि एवं स्वास्थ्य संतोषजनक पाया गया। उप कृषि निदेशक ने इसे प्राकृतिक खेती की दिशा में सकारात्मक संकेत बताते हुए कृषकों को इसी पद्धति को निरंतर अपनाने के लिए प्रेरित किया।

साप्ताहिक बैठकों व प्रमाणीकरण पर जोर

निरीक्षण के दौरान क्लस्टर प्रभारी एवं कृषि सखी को निर्देशित किया गया कि वे कृषकों के साथ साप्ताहिक बैठकें आयोजित करें और प्राकृतिक खेती से जुड़े सभी पहलुओं पर नियमित चर्चा करें। साथ ही प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों का पूरा विवरण समय से संकलित कर प्रमाणीकरण हेतु उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए, जिससे उन्हें योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।

सरसों मिनीकिट का निरीक्षण, कृषकों में उत्साह

निरीक्षण के दौरान ग्रामों में नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल योजना के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई सरसों मिनीकिट (आज़ाद महक एवं पूसा मस्टर्ड-32) का भी अवलोकन किया गया। सरसों की फसल की स्थिति अच्छी पाई गई और अच्छे उत्पादन की संभावना जताई गई। निशुल्क मिनीकिट मिलने पर कृषकों ने प्रसन्नता व्यक्त की और सरकार की इस पहल की सराहना की।

ग्राम बघराई में गेहूँ व सरसों फसलों का अवलोकन

विकास खंड सांडी के ग्राम बघराई में नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन (NFSM) योजना के अंतर्गत कृषक बलवीर सिंह द्वारा उगाई गई गेहूँ की किस्म DBW-303 का निरीक्षण किया गया। फसल में टिलरिंग अच्छी पाई गई, जिससे बेहतर उत्पादन की संभावना व्यक्त की गई।
इसी ग्राम में कृषक श्री तोताराम, श्री लालमुनि एवं श्री नारायण द्वारा नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल योजना के अंतर्गत वितरित पूसा मस्टर्ड-32 किस्म की सरसों फसल का भी निरीक्षण किया गया, जिसकी स्थिति संतोषजनक रही।

पाले से बचाव व कीट नियंत्रण के सुझाव

उप कृषि निदेशक ने मौके पर उपस्थित कृषकों को पाले से फसलों के बचाव हेतु आवश्यकतानुसार सिंचाई करने की सलाह दी। साथ ही सरसों की फसल में माहूँ (एफिड) का प्रकोप दिखाई देने पर नीम तेल के प्रयोग की सिफारिश की, जिससे रासायनिक कीटनाशकों से बचाव करते हुए प्राकृतिक संतुलन बनाए रखा जा सके।

क्रॉप सर्वे की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान

निरीक्षण के दौरान ग्राम बघराई में एटीएम आशुतोष तिवारी द्वारा किए जा रहे क्रॉप सर्वे का भी अवलोकन किया गया। उनके द्वारा मौके पर गाटा संख्या 612 एवं 614 में गेहूँ फसल का सर्वे किया गया। उप कृषि निदेशक ने निर्देश दिए कि सर्वे कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए, ताकि आंकड़ों की शुद्धता बनी रहे।

अधिकारी एवं कृषकों की रही सहभागिता

इस अवसर पर विनीत शुक्ल (उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी), विनीत पाठक (वरिष्ठ प्राविधिक सहायक, ग्रुप-बी), संजीव कुमार (प्रभारी बीज भंडार), सुनील कुमार (एटीएम) सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे। निरीक्षण के माध्यम से जिले में प्राकृतिक खेती को गति देने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।