August 26, 2026 11:26 PM

Krishi Times

टिकाऊ खेती से समृद्ध किसान का संदेश, गाजीपुर में किसान संगोष्ठी!

किसान संगोष्ठी में टिकाऊ खेती पर जोर, मृदा स्वास्थ्य और उन्नत तकनीकों से बढ़ेगी किसानों की आय!

गाजीपुर। किसानों को टिकाऊ खेती, बेहतर पैदावार और बढ़ी हुई आय से जोड़ने के उद्देश्य से भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR), वाराणसी द्वारा गाजीपुर जिले के रामपुर जीवन गांव में अनुसूचित जाति उपयोजना (SCSP) के अंतर्गत एक दिवसीय किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों और प्रगतिशील किसानों ने भाग लेकर आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल खेती की तकनीकों पर चर्चा की।

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संगोष्ठी में किसानों को बताया गया कि लगातार रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसलिए मृदा स्वास्थ्य सुधारने के लिए संतुलित उर्वरक प्रबंधन, जैविक कार्बन बढ़ाने तथा जैव उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। विशेषज्ञों ने कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही बेहतर उत्पादन और दीर्घकालिक कृषि समृद्धि का आधार है।

उन्नत सब्जी उत्पादन की दी जानकारी

कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. डी.पी. सिंह, डॉ. इंदीवर प्रसाद और लव कुश ने किसानों को उन्नत सब्जी उत्पादन तकनीकों, रोग एवं कीट प्रबंधन तथा बीज शोधन की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को गुणवत्तायुक्त बीजों के चयन और आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग से उत्पादन लागत कम करने तथा उपज बढ़ाने के उपाय बताए।

फलदार पौधों का वितरण

पर्यावरण संरक्षण और किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ाने के उद्देश्य से ‘रीइनवेंट ऑर्गेनिक एफपीसी‘ की महिला निदेशकों द्वारा किसानों के बीच आम, अमरूद, नींबू और कटहल के पौधों का वितरण किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि कृषि के साथ बागवानी को अपनाने से किसानों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिल सकता है।

आधुनिक खेती की तकनीकों पर प्रशिक्षण

संगोष्ठी में समुन्नति फाउंडेशन और कोर्टेवा एग्री साइंस के सहयोग से किसानों को मिट्टी परीक्षण के महत्व, डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) तकनीक से धान की बुआई तथा मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) योजना के तहत निर्यात गुणवत्ता वाली सब्जियों के उत्पादन की जानकारी दी गई। किसानों को बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उत्पादन करने के लिए भी प्रेरित किया गया।

टिकाऊ खेती से समृद्ध किसान का संदेश

कार्यक्रम के दौरान किसानों ने मृदा संरक्षण, संतुलित पोषण प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का संकल्प लिया। विशेषज्ञों ने कहा कि यदि किसान वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करें तो उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ लागत कम कर आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।

संगोष्ठी का मुख्य संदेश रहा— “संतुलित पोषण, स्वस्थ धरा और उन्नत पैदावार के माध्यम से टिकाऊ खेती और समृद्ध किसान।”

Source: icar-iivr