September 29, 2026 3:18 AM

Krishi Times

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पशुपालकों के लिए नया पोर्टल!

राष्ट्रीय पशुधन मिशन को डिजिटल मजबूती: केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने लॉन्च किया ‘पशुधन बीमा पोर्टल’

किसानों और पशुपालकों को मिलेगा एकीकृत डिजिटल मंच, बीमा से लेकर क्लेम तक की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

नई दिल्ली। देश के पशुपालकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने और पशुधन बीमा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के पशुपालन एवं डेयरी विभाग (DAHD) ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) के तहत पशुधन बीमा पोर्टल (rashtriyapashubima.dahd.gov.in) का शुभारंभ किया। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य पशुधन बीमा की पूरी प्रक्रिया को तकनीक आधारित और किसान हितैषी बनाना है।

पोर्टल का शुभारंभ केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने किया। इस अवसर पर राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, पशुपालन एवं डेयरी सचिव नरेश पाल गंगवार, विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि, बीमा कंपनियों के अधिकारी और पशुधन क्षेत्र से जुड़े हितधारक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 4,000 से अधिक प्रतिभागी ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़े।

30 लाख से अधिक पशुओं का हो चुका है बीमा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पशुपालन एवं डेयरी सचिव नरेश पाल गंगवार ने बताया कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत संचालित पशुधन बीमा गतिविधि के अंतर्गत चालू वर्ष में 30 लाख से अधिक पशुओं का बीमा किया जा चुका है। उन्होंने योजना की प्रीमियम दरों, किसानों के अंशदान और अन्य प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि नया पोर्टल योजना के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाएगा।

कृषि की अनिश्चितताओं के बीच पशुपालकों को मिलेगा सुरक्षा कवच

राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि कृषि और पशुपालन दोनों ही प्राकृतिक जोखिमों से प्रभावित होते हैं। ऐसे में पशुधन बीमा किसानों और पशुपालकों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम बन सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नया पोर्टल बीमा सेवाओं को अधिक सुलभ बनाकर ग्रामीण परिवारों को राहत प्रदान करेगा।

पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़: राजीव रंजन सिंह

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि देश के करोड़ों ग्रामीण परिवारों की आय और आजीविका में पशुधन की महत्वपूर्ण भूमिका है। पशुओं की मृत्यु, बीमारी, दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा या अन्य अप्रत्याशित परिस्थितियों से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए समय पर और किफायती बीमा सुरक्षा आवश्यक है।

उन्होंने राज्यों, बीमा कंपनियों और अन्य हितधारकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया, जन-जागरूकता अभियानों और सूचना-शिक्षा-संचार (IEC) गतिविधियों के माध्यम से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक पशुपालक इसका लाभ उठा सकें।

एक ही मंच पर बीमा, प्रीमियम और क्लेम की सुविधा

नया पशुधन बीमा पोर्टल किसानों, राज्य सरकारों, बीमा कंपनियों और कार्यान्वयन एजेंसियों को एक ही डिजिटल मंच पर जोड़ता है। पोर्टल के माध्यम से बीमा पॉलिसी जारी करने, प्रीमियम प्रबंधन, लाभार्थी सत्यापन, क्लेम निपटान और निगरानी जैसी प्रक्रियाएं ऑनलाइन संचालित की जा सकेंगी।

यह प्लेटफॉर्म पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी सरल बनाएगा, जिससे किसानों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

पोर्टल से मिलने वाले प्रमुख लाभ

पशुधन बीमा पंजीकरण प्रक्रिया होगी आसान और तेज। क्लेम निपटान में बढ़ेगी पारदर्शिता और जवाबदेही।

बीमा पॉलिसियों की रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी।

किसानों और बीमा प्रदाताओं के लिए सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डेटा आधारित निर्णय लेने में सहायता मिलेगी। डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से निगरानी और मूल्यांकन अधिक सटीक होगा।

पशुपालन क्षेत्र के डिजिटलीकरण की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में डेयरी और पशुपालन क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण आधार बन चुका है। ऐसे में डिजिटल पशुधन बीमा व्यवस्था न केवल जोखिम प्रबंधन को मजबूत करेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती देगी। यह पहल सरकार के डिजिटल इंडिया, किसान कल्याण और ग्रामीण समृद्धि के व्यापक लक्ष्य को आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।